तमिलनाडु में नए राजनीतिक युग का आगाज, 6 दशक बाद विजय बने गैर-द्रविड़ मुख्यमंत्री
जोसेफ विजय ने तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली, जिससे राज्य में छह दशक बाद पहली गैर-द्रविड़ सरकार बनी।

6 दशक बाद विजय बने गैर-द्रविड़ मुख्यमंत्री। (पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिल सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता जोसेफ विजय के तमिलनाडु की सत्ता संभालने के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है।
द्रविड़ राजनीति के वर्चस्व वाले तमिलनाडु के लिए यह एक ऐतिहासिक बदलाव है, क्योंकि छह दशक में पहली बार कोई गैर-द्रविड़ सरकार बनी है। उत्साहित समर्थकों की भीड़ के बीच विजय ने रविवार को तमिलनाडु के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि असली, पंथनिरपेक्ष और सामाजिक न्याय के एक नए युग की शुरुआत हो रही है।
तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोसेफ विजय से फोन पर बातचीत की और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण करने पर बधाई दी।
वंदेमातरम से हुई शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत
शपथ ग्रहण समारोह की शुरुआत वंदेमातरम से हुई। इसके बाद राष्ट्रगान और फिर तमिल गान हुआ। राज्यपाल ने विजय को 13 मई तक विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री का पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद विजय ने घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का पहला आदेश जारी किया। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए एक विशेष कार्यबल गठित करने और राज्यभर में मादक पदार्थों की तस्करी विरोधी इकाइयां स्थापित करने के आदेश पर भी उन्होंने हस्ताक्षर किए।
विजय के अलावा टीवीके के नौ विधायकों को मंत्री पद की शपथ ली
विजय के अलावा टीवीके के नौ विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, केए सेनगोट्टैयन, केजी अरुणराज, पी वेंकटरमणन, आर निर्मलकुमार, राजमोहन, टीके प्रभु और एस कीर्तना शामिल हैं। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, विजय के माता-पिता, अभिनेत्री तृषा कृष्णा और कई फिल्मी हस्तियां उपस्थित थीं। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, अन्नाद्रमुक महासचिव के. पलानीस्वामी तथा विजय की पत्नी संगीता और उनके दो बच्चे इस समारोह से अनुपस्थित रहे।
जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हुए प्रभावशाली भाषण देने का प्रयास किया, लेकिन राज्यपाल अर्लेकर ने हस्तक्षेप किया और उनसे आधिकारिक शपथ के प्रारूप तक ही सीमित रहने को कहा। राज्यपाल द्वारा शपथ दिलाना शुरू करते ही विजय ने पूर्व निर्धारित प्रारूप से हटकर बोलना शुरू किया-मैं, सी. जोसेफ विजय, भारत के विधि द्वारा स्थापित संविधान के प्रति निष्ठावान रहूंगा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में, मैं ईमानदारी और समर्पण के साथ अपने दायित्वों का निर्वाह करूंगा। मैं कानून के शासन का पालन करूंगा, ईमानदारी से काम करूंगा, नफरत को दूर करूंगा और जनता के सभी वर्गों के लिए ईमानदारी से काम करूंगा। मैं ईश्वर की कसम खाकर यह शपथ लेता हूं।
ऐसा कहते हुए विजय ने अपना दाहिना हाथ उठाया और मुट्ठी भींच ली। इस पर राज्यपाल ने उनको टोका और दिए गए कागज से आधिकारिक शपथ पढ़ने को कहा। सीएम ने राज्यपाल से कुछ स्पष्टीकरण मांगा और फिर लिखित शपथ पढ़ी।
विजय ने तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से इस्तीफा दिया
विजय ने रविवार को तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया और पेरंबूर सीट बरकरार रखी। मुख्यमंत्री के रूप में पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालिया विधानसभा चुनाव में वह दो सीटों से जीते थे।
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद विजय ने पहली बार तमिलनाडु सचिवालय का दौरा किया। सचिवालय पहुंचने पर विजय को पुलिस ने औपचारिक सलामी दी। बाद में वह सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में गए। सचिवालय में उन्होंने एक उच्चस्तरीय बैठक की और राज्य की कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। बैठक में मुख्य सचिव, गृह और उत्पाद शुल्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित है।
ईश्वर के नाम पर शपथ
टीवीके कार्यकर्ताओं की लगातार गूंजती सीटियों के बीच विजय ने ईश्वर के नाम पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके मंत्रियों ने भी ईश्वर के नाम पर शपथ ली, जो पूर्ववर्ती द्रमुक सरकार के अधिकतर मंत्रियों के शपथ ग्रहण से अलग रहा।
पोशाक भी सामान्य परंपरा से अलग
आमतौर पर सफेद कमीज और खाकी पतलून में नजर आने वाले विजय रविवार को शपथ ग्रहण समारोह में अलग अंदाज में दिखे। उन्होंने सफेद कमीज और गहरे रंग की पतलून के साथ कोट पहना था। उ
नके अधिकतर मंत्रिमंडलीय सहयोगी भी कमीज और पतलून में नजर आए। इस तरह टीवीके मंत्रिमंडल की पोशाक भी सामान्य परंपरा से अलग दिखी। इससे पहले तमिलनाडु में पुरुष नेता ऐसे अवसरों पर आम तौर पर सफेद धोती और सफेद कमीज पहने नजर आते रहे हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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