यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जिओ की 'डेटागिरी' से डरी टेलीकॉम कंपनियांं, टैरिफ में हो सकती है बड़ी कटौती
टेलीकॉम जगत में रिलायंस के आकर्षक जिओ प्लान ने अन्य ऑपरेटर्स के बीच खलबली मचा दी है अब उन्हें मजबूरन अपने टैरिफ रेट में कटौती करनी होगी।

नई दिल्ली। रिलायंस जिओ की एंट्री से जहां ग्राहक खुश हैं तो वहीं दूसरी ओर जिओ ने टेलीकॉम जगत की अन्य कंपनियों की चिंताएं बढ़ा दी है। टेलीकॉम जगत में रिलायंस के जियो इंफोकॉम के आकर्षक ऑफर ने ऑपरेटर्स को अपने टैरिफ रेट में कटौती के लिए मजबूर कर दिया है। उद्योग के अंदरूनी सूत्रों और विश्लेषकों के अनुसार, जिओ इंफोकॉम के आकर्षक और लुभावने ऑफर को देखते हुए भारती एयरटेल, वोडाफोन और आइडिया सेल्युलर अपनी दरों में कटौती करने वाले हैं।
इकोनॉमिक टाइम्स ने जिन इंडस्ट्री एक्जीक्यूटीव्स से बात की उनमें से अधिकांश ने मुकेश अंबानी के नियंत्रण वाली कंपनी सस्ते दामों व पैन-इंडिया नेटवर्क से बाजार बाधित होने की उम्मीद जतायी। इसकी वजह से अन्य ऑपरेटर्स को भी टैरिफ में कटौती करनी ही होगी ताकि उनके ग्राहक बने रहें।
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उच्चतर ऑपरेटर के एक अधिकारी ने कहा, ‘टेलीकॉम जगत में फिर से टैरिफ गेम हो रहा है।‘ अंबानी ने काफी कम समय में 100 मिलियन सब्सक्राइबर के साइन अप का लक्ष्य रखा है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की औद्योगिक इकाई जीएसएम के महानिदेशक, राजन मैथ्यूज ने कहा है, 'टेलिकॉम सेक्टर में मुकाबले के लिए जमीन तैयार हो चुकी है। एक तरफ रिलायंस जियो, रिलायंस कम्युनिकेशंस, एयरटेल और एमटीएस हैं, तो दूसरी तरफ भारती, वोडाफोन और आइडिया हैं।'
इससे पहले एयरटेल ने गुरुवार को बयान जारी कर टेलिकॉम सेक्टर में जियो की औपचारिक एंट्री का स्वागत करते हुए कहा कि उम्मीद है कि वह सभी रेग्युलेटरी जिम्मेदारियों का पालन करेगी। यह प्रतियोगिता कंज्यूमर्स के लिए अच्छी खबर है लेकिन इंडस्ट्री के लिए नहीं जो करीब 35,000 करोड़ रुपये के कर्ज से जूझ रहा है।
