नई दिल्ली जागरण ब्यूरो। यूपीए सरकार की कार्यशैली का खुलासा करते हुए पूर्व पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने कांग्रेस छोड़ दी है। यूपीए सरकार में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की मर्जी चलने के आरोपों के बीच कांग्रेस पर बड़ी मुसीबत आ गई है। राहुल पर सरकारी नीतियां बदलने का आरोप लगाते हुए जयंती ने कहा कि राहुल के कार्यालय से विशेष 'इनपुट' आते थे। इनमें कुछ बड़ी परियोजनाओं को रोकने के लिए उस पर चिंता जताई जाती थी।

जयंती ने आरोप लगाया कि उन्होंने परियोजनाओं को मंजूरी देने में कांग्रेस उपाध्यक्ष के निर्देश का पालन किया। उन्होंने सोनिया और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र खत्म हो गया है। पर्यावरण मंत्री रहते हुए उन्होंने राहुल के निर्देश माने। फिर भी उन्हें पार्टी में हाशिये पर कर दिया।

जयंती ने राजनीति के कटु अनुभवों को देखते हुए फिलहाल किसी पार्टी में शामिल होने का फैसला नहीं किया है। हालांकि नरेंद्र मोदी के प्रति नरमी बरतते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने उन्हें धोखा दिया तो वह विपक्षी होकर 'जयंती टैक्स' कह रहे थे।

अडानी की फाइल वाशरूम में थी

नटराजन ने आरोप लगाया, 'इस्तीफे के कुछ दिन पहले उन्हें कुछ कानूनी मुद्दों पर अडानी की फाइल की समीक्षा करनी थी। जब मैंने फाइल मांगी तो बताया गया कि वह खो गई है। काफी खोजबीन के बाद अधिकारियों को फाइल मिली।

बताया गया कि कंप्यूटर सेक्शन के वॉशरूम में थी, लेकिन यह मिली उसी दिन, जिस दिन मुझे हटाया गया।' उन्होंने बताया कि राहुल की वजह से ही ओडिशा के नियामगिरि पर्वतीय क्षेत्र में वेदांता की परियोजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।

जयंती ने राहुल पर लगाए आरोप, सरकार करेगी जांच

रिव्यू और कार्रवाई होगी!

राजग सरकार ने जयंती के खुलासे की गंभीरता दिखते हुए उनके सभी फैसलों के पुनरावलोकन की बात कही। पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि 'यह गंभीर जानकारी है। जिन फाइलों की बात कही गई है, मैं उनका रिव्यू करूंगा।' भाजपा नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने जयंती के पत्र पर कहा, 'मैं इस पत्र का अध्ययन करूंगा कि इस आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ केस बन सकता है या नहीं।'

जयंती जांच कराने को तैयार

जयंती नटराजन पर लगभग 35 ऐसे अहम परियोजनाओं को हरी झंडी नहीं देने के आरोप हैं। इनमें हजार से पांच हजार करोड़ तक परियोजनाएं शामिल हैं। नटराजन ने कहा है कि यूपीए में मंत्री रहते हुए अपने निर्णयों को लेकर वे जांच का सामना करने को तैयार हैं।

कांग्रेस ने की प्रतिष्ठा धूमिल

जयंती ने राहुल गांधी कार्यालय पर उनकी प्रतिष्ठा धूमिल करने का कैम्पेन चलाने का आरोप भी लगाया। तीन दशकों से जयंती गांधी परिवार की करीबी रहीं। वह खुद पार्टी में परिवार की चौथी पीढ़ी हैं। जयंती नरसिम्हा राव सरकार के समय जीके मूपनार नेतृत्व वाली तमिल मनिला कांग्रेस में चली गई थीं। वे फिर कांग्रेस में लौट आई थीं।

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Edited By: Rajesh Niranjan