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जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने गए तो सीधा पहुंचेंगे जेल, कितना लगेगा जुर्माना?

Published: Wed, 14 Oct 2026 05:29 PM (IST)

दिल्ली में जंतर-मंतर पर अब विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारी हो सकती है।

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर मिलेगी सजा (फोटो-पीटीआई)

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर मिलेगी सजा (फोटो-पीटीआई)

HighLights

  1. जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों पर पूर्ण प्रतिबंध।

  2. उल्लंघन पर गिरफ्तारी, न्यायिक हिरासत और जुर्माना।

  3. नए कानून BNSS के तहत सख्त कार्रवाई का प्रविधान।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में अब विरोध प्रदर्शन की जगह बदल गई है। सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर रोक लगा दी है। लेकिन इस बीच ये सवाल खड़ा होता है कि अगर इस स्थल पर विरोध प्रदर्शन के लिए लोग इकट्ठा होते हैं, तो क्या होगा?

जंतर-मंतर पर अगर अब कोई दल या समूह प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है। यहां तक कि लोगों को गिरफ्तार भी किया जा सकता है, जिसके बाद उन्हें बेल मिलना भी मुश्किल हो जाएगा।

CJP के लोगों की जंतर-मंतर में घुसने की कोशिश

जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए प्रतिबंधित किए जाने के बाद भी मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सौरव दास ओर आशुतोष रांका इस स्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने गेट फांदकर अंदर घुसने की कोशिश की थी।

जंतर-मंतर पर बिना अनुमति के प्रवेश करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। सौरव दास ओर आशुतोष रांका को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

इस घटना के बाद से ये सवाल है कि जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर कानून के तहत अब क्या प्रविधान है। जंतर-मंतर पहले भी प्रदर्शन करने की अनुमति के लिए नई दिल्ली जिले के डिप्टी पुलिस कमिश्नर से एडवांस में लिखित एनओसी लेनी होती थी, लेकिन अब यहां प्रोटेस्ट करने पर बैन लग गया है।

जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर क्या है सजा?

  • जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट करने पर बैन लगने के बाद अब यहां कोई धरना प्रदर्शन नहीं हो सकता। अगर अब यहां किसी भी तरह का विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, तो पुरानी CrPC की धारा 144 और अब BNSS की धारा 163 के उल्लंघन पर कार्रवाई होगी।
  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पर भारतीय न्याय संहित की धारा 223 और पुराने कानून में IPC की धारा 188 के तहत सरकारी आदेश की अवहेलना के तहत भी मामला दर्ज हो सकता है। इसमें एक महीने से लेकर 6 महीने तक की जेल हो सकती है और जुर्माना लगाया जा सकता है या फिर दोनों ही हो सकते हैं।
  • BNS की धारा 189 और पुरानी IPC की धारा 143 के तहत गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने पर छह महीने तक की कैद या जुर्माना या दोनों हो सकता है।
  • जंतर-मंतर पर अगर कोई प्रदर्शन करने की कोशिश करता है और प्रदर्शनकारी घातक हथियारों के साथ पाए जाते हैं, तो सजा 2 साल तक कैद में भी बदल सकती है।
  • प्रदर्शन के दौरान पुलिस रोकने की कोशिश करती है और समूह उनसे उलझता है या बैरिकेड्स तोड़ता है तो BNS की धारा 221 और पुरानी IPC की धारा 186 के मुताबिक लोक सेवक के काम में बाधा डालने के अपराध में तीन महीने तक की जेल की सजा हो सकती है।
  • प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर हमला या बल प्रयोग किया जाता है तो यह गैर-जमानती अपराध बन जाता है। इसमें तीन से पांच साल तक की जेल हो सकती है।

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