नई दिल्ली, जेएनएन। वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा किए गए मानहानि के मामले में वकील राम जेठमलानी ने दिल्ली हाई कोर्ट में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तरफ से तीखी बहस की। इस दौरान वह प्रधानमंत्री के नाम को घसीटने से भी पीछे नहीं हटे। जेठमलानी ने कहा कि आप वित्त मंत्री हैं। बड़े सम्मानित हैं। डीडीसीए घोटाले में नाम घसीटे जाने पर खुद का अपमान होने का दावा कर रहे हैं। आपकी मानहानि हुई, यह साबित करने के लिए तो आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गवाह बनाना चाहिए था।

जेठमलानी ने कुल 42 सवाल किए। इनमें से चार को आपत्तिजनक मान अदालत ने ही अस्वीकार कर दिया। यह तीसरी बार है, जब जेठमलानी ने जेटली से जिरह की है। इससे पहले वह जिरह के दौरान वित्त मंत्री से 69 सवाल दाग चुके हैं। जेठमलानी ने कहा, 'आप अपनी बेहद ऊंची छवि होने का दावा कर रहे हैं। इसे साबित करने के लिए कोई ऊंची छवि के व्यक्ति को गवाह क्यों नहीं बनाया है?' जवाब न मिलने पर उन्होंने कहा कि वास्तव में जेटली ऐसे इंसान है जिनकी कोई छवि है ही नहीं, तो फिर उनकी मानहानि कैसे हो गई?

करीब दो घंटे जेटली से बहस के दौरान डीडीसीए का अध्यक्ष रहते हुए उनकी भूमिका को लेकर गहराई तक सवाल पूछे। जेटली की तरफ से कई बार जेठमलानी की दलीलों का विरोध किया गया। न्यायाधीश से कहा गया कि व्यर्थ सवाल पूछकर समय बर्बाद किया जा रहा है। इस पर जेठमलानी ने कहा, 'उनके पास ज्यादा महत्वपूर्ण काम करने के लिए है।' इस पर कोर्ट रूम में हंसने छूट गई। मालूम हो, अरण जेटली द्वारा किए गए मानहानि के मामले में अरविंद केजरीवाल के अलावा, आप नेता कुमार विश्वास, राघव चड्ढा, संजय सिंह, आशुतोष व दीपक वाजपेयी आरोपी हैं।

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