नई दिल्ली, [स्पेशल डेस्क]। भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने कर्नाटक की सत्ताधारी सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए गुरुवार को कहा कि राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के अब तक के सारे रिकॉर्ड्स तोड़ दिए। उन्होंने ये हमला बेंगलुरु में परिवर्तन यात्रा का आगाज करते हुए किया। भाजपा अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर कर्नाटक महोत्सव को लेकर उत्साहहीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि वे वोट बैंक की राजनीति में शामिल रही है।

अमित शाह का कांग्रेस पर हमला

अमित शाह ने कहा कि कर्नाटक महोत्सव भव्य होना चाहिए था लेकिन राज्य सरकार को उसमें कोई उत्साह नहीं था। उनका उत्साह टीपू जयंती को लेकर था। शाह ने कहा कि टीपू जयंती मनाना और वोट बैंक की राजनीति करने से कर्नाटक के लोगों को कोई फायदा नहीं पहुंचनेवाला है। गौरतलब है कि राज्य में टीपू जयंती समारोह काफी विवादपूर्ण रहा है जिनमें पिछले दो वर्षों से काफी हिंसा और प्रदर्शन देखा गया।

परिवर्तन यात्रा पर निकले येदियुरप्पा

हालांकि, इस साल केन्द्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े का वह बयान मीडिया की सुर्खियों में बना रहा जिसमें उन्होंने राज्य सरकार से कहा कि वे उनका नाम कार्यक्रम से हटा दें जो कट्टरपंथी और हत्यारा था। भाजपा अध्यक्ष ने भी राज्य में दस भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं की हत्या का जवाब मुख्यमंत्री से मांगा है। अमित शाह ने कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा को भावी मुख्यमंत्री बताया जो परिवर्तन यात्रा पर निकल चुके हैं।

80 दिनों की यात्रा पर निकले येदियुरप्पा

पिछले करीब डेढ़ साल में यह तीसरा मौका है जब येदियुरप्पा तीसरी बार पूरे राज्य के दौरे पर निकले हैं। इसके पीछे की सोच ये है कि आगामी कर्नाटक विधानसभा चुनाव में लोगों में यह संदेश देना की सभी वर्ग और सभी क्षेत्र भाजपा के पक्ष में खुलकर वोट करे। दरअसल, कर्नाटक की सभी 224 विधानसभा सीटों के हर बूथ से तीन मोटर साइकिलों पर छह कार्यकर्ता यात्रा के लिए पहुंचेंगे। यात्रा से लौटने के बाद वे सभी कार्यकर्ता अपने क्षेत्रों में जाकर पार्टी के कार्यक्रमों को नई धार देंगे।

कमजोर सीटों पर है खास रणनीति

मैसूर सीट भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस क्षेत्र में वोकलिंग समुदाय का असर है और उसके नेता एचडी देवेगौड़ा को माना जाता है। ऐसा कहा जा रहा है कि अगस्त महीने में कर्नाटक में अपनी पिछली यात्रा के दौरान अमित शाह वोकलिंगा के शीर्ष मठ आदिचुनचुनगिरी गए थे। वहां पर भाजपा अध्यक्ष ने स्वामी निर्मलानंद के साथ लगभग आधा दिन बिताया और एक किताब का विमोचन भी किया। अमित शाह के इस दौरे ने न सिर्फ राज्य की सत्ताधारी कांग्रेस बल्कि जेडीएस को भी चौंका दिया था।

कर्नाटक में बढ़ेगी पीएम-भाजपा अध्यक्ष की सक्रियता

दरअसल, लिंगायत नेता येदियुरप्पा एक ओर जहां अपनी यात्रा में दलितों और ओबीसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, तो वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रदेश के दूसरे सबसे प्रभावी समुदाय में पैठ बनाने की कोशिश शुरू कर दी। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी जब कर्नाटक के हर कोने में पहुंचेंगे तो इसे और धार दी जा सकती है।

परिवर्तन यात्रा में सीएम, केन्द्रीय मंत्री लेंगे हिस्सा

भाजपा की 75 दिवसीय कर्नाटक परिवर्तन यात्रा का मक़सद कांग्रेस सरकार के दौरान हुए घपले को उजागर करना है। इस परिवर्तन रैली का समाप 28 जनवरी को बेंगलुरु में होगा जहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रैली को संबोधित करेंगे। इस रैली में भाजपा के कई शीर्ष स्तरीय नेता, केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री हिस्सा लेंगे जो राज्य के सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी।

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Posted By: Rajesh Kumar