नई दिल्ली (जेएनएन)। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) एक बार इतिहास बनाने की ओर अग्रसर है। अतीत में कई बार विश्व को भारत की क्षमताओं से परिचित करवा चुका इसरो इस बार एक ऐसे मिशन को अंजाम देने की तैयारी कर रहा है जो अगर सफल रहा तो एक विश्व रिकॉर्ड होगा।

15 जनवरी, 2017 की शुरुआत में इसरो एक ही रॉकेट से 83 सेटेलाइट लांच कर विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है। इन सेटेलाइट्स में तीन भारतीय और 60 अमेरिकी और 20 यूरोप के होंगे।

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वर्तमान में एकसाथ सर्वाधिक सैटेलाइट लॉन्च करने का रिकॉर्ड रूस के नाम पर है जिसने 19 जून, 2014 को एक साथ 37 सैटेलाइट लॉन्च किए थे। वहीं अमेरिका ने नवंबर 2013 में 29 सैटेलाइट को लॉन्च किया था। इससे पहले इसी साल जून में भारत ने एकसाथ 20 सेटेलाइट लॉन्च किए थे।

इस अभियान के लिए इसरो अपने सबसे भरोसेमंद रॉकेट पीएसएलवी (पोलर सेटेलाइट लांच व्हीकल) के एक्सएल संस्करण को इस्तेमाल करेगा। शशिभूषण ने बताया कि पीएसएलवी-एक्सएल कुल 1600 किलोग्राम वजन लेकर अंतरिक्ष में जाएगा। इसरो की व्यावसायिक इकाई एंट्रिक्स कॉरपोरेशन के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक राकेश शशिभूषण ने यहां कहा, 'वर्ष 2017 की पहली तिमाही के दौरान एक रॉकेट के जरिये 83 सेटेलाइट लांच किए जाएंगे। ज्यादातर विदेशी सेटेलाइट नैनो सेटेलाइट हैं। सभी सेटेलाइट एक ही कक्षा में स्थापित किए जाएंगे।'

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उन्होंने कहा कि कंपनी का ऑर्डर बुक 500 करोड़ रुपए का है, जबकि और 500 करोड़ रुपए के लॉन्च ऑर्डर के लिए सौदेबाजी जारी है। आपको बता दें कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अगले साल चांद पर दूसरा मिशन ‘चंद्रयान-2’ भी भेजने जा रहा है। ‘चंद्रयान-2’ के साथ इसरो एक टेलीस्कोप भी भेजने की योजना बना रहा है।

Posted By: kishor joshi

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