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कौन बनाएगा भारत का स्वदेशी 5th जनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट? इन तीन कंपनियों को मिला मेगा प्रपोजल

Published: Wed, 27 May 2026 05:22 PM (IST)

रक्षा मंत्रालय ने भारत के पहले स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर, AMCA परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया है।

एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत अब सिर्फ लड़ाकू विमान खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि खुद अगली पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट बनाने की तैयारी में जुट गया है। 

रक्षा मंत्रालय ने एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) परियोजना के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी कर देश के स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ फाइटर कार्यक्रम को नई ऊंचाई दी है। यह देश का पहला पूर्ण स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर होगा।

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प्राइवेट सेक्टर मिला बड़ा मौका

रक्षा मंत्रालय ने सरकारी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को प्रक्रिया से बाहर रखा है। इसके बजाय तीन प्राइवेट कंपनियों के कंसोर्टियम को RFP जारी किया गया है। इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स, लार्सन एंड टुब्रो-भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और भारत फोर्ज-बेमल कंसोर्टियम शामिल हैं।

15,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना के तहत चुनी गई प्राइवेट कंपनी आंध्र प्रदेश में एक नई ग्रीनफील्ड सुविधा केंद्र स्थापित करेगी। इस केंद्र में AMCA के पांच प्रोटोटाइप तैयार किए जाएंगे।

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DRDO-ADA के साथ सहयोग

सरकार पूरे प्रोजेक्ट को फंड कर रही है। निजी पार्टनर को डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के अंतर्गत एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) के साथ मिलकर काम करना होगा। पूरा प्रोजेक्ट आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी में 650 एकड़ भूमि पर विकसित की जा रही नई सुविधा में किया जाएगा।

कितना लगेगा समय?

ADA और DRDO ने 2025 के मिड में एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट जारी किया था, जिसके लिए सात कंपनियों ने आवेदन किया था। फरवरी में तकनीकी मूल्यांकन के बाद तीन कंसोर्टियम को शॉर्टलिस्ट किया गया। इन कंपनियों को प्रपोजल जमा करने के लिए दो-तीन महीने का समय मिला है।

L1 चयन और अनुबंध जनवरी-मार्च 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। पहला प्रोटोटाइप 2028 से 2032 के बीच उड़ान भर सकता है, जबकि बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होने के बाद विमान 2035 के बाद भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकता है।

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आत्मनिर्भर भारत की नई मिसाल

यह प्रोजेक्ट भारतीय रक्षा उद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने वाला मील का पत्थर साबित होगा। इससे परियोजना में तेजी आएगी और अत्याधुनिक एयरोस्पेस प्रौद्योगिकी में भारत की आत्मनिर्भरता मजबूत होगी। AMCA न सिर्फ वायुसेना की ताकत बढ़ाएगा बल्कि देश को फाइटर जेट निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करेगा।

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