विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आंध्र प्रदेश में 16 हजार करोड़ की लड़ाकू विमान परियोजना की शुरुआत, रक्षा मंत्री ने रखी आधारशिला

Published: Fri, 15 May 2026 07:54 PM (IST)

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने श्री सत्य साईं जिले में 16,000 करोड़ रुपये की लड़ाकू विमान परियोजना की आधारशिला रखी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ने श्री सत्य साईं जिले में 16,000 करोड़ रुपये की लड़ाकू विमान के बुनियादी ढांचे परियोजना की आधारशिला रखी। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह भारत के रक्षा इतिहास में एक ऐतिहासिक अध्याय का प्रतीक है और आंध्र प्रदेश में एक नया युग शुरू हो रहा है।

सिंह और नायडू ने उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) कार्यक्रम की अवसंरचना की आधारशिला रखी। राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को एक बैठक में कहा, 'पुट्टापर्थी में यह परियोजना एरोनाटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) द्वारा विकसित की जा रही है, जो डीआरडीओ का हिस्सा है और यह पांचवीं पीढ़ी के एएमसीए लड़ाकू विमान का विकास कर रही है।

16,000 करोड़ की परियोजना शुरू

लगभग 16,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ एक विमान एकीकरण और उन्नत उड़ान परीक्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। ऐसी सुविधाएं केवल कुछ देशों के पास होती हैं। आधारशिला समारोह में चार प्रमुख परियोजनाएं शुरू हो रही हैं। इसके अलावा, आठ ड्रोन कंपनियां कर्नूल में एक ड्रोन सिटी भी शुरू कर रही हैं।'

आठ ड्रोन कंपनियों का एक समूह कर्नूल में मेक इन इंडिया पहल के तहत ड्रोन सिटी स्थापित कर रहा है। सूरत की डायमंड सिटी की स्थिति और बेंगलुरु की भारत के सिलिकान वैली के रूप में प्रतिष्ठा की तुलना कर उन्होंने कहा कि कर्नूल एक वैश्विक ड्रोन हब के रूप में उभरेगा। सेना, नौसेना और वायु सेना के लिए आवश्यक हथियार व प्रौद्योगिकियां आंध्र में निर्मित की जाएंगी।

तारपीडो और काउंटरमेजर सिस्टम का निर्माण

सिंह ने कहा भारत डायनामिक्स लिमिटेड उन्नत स्वायत्त जल के नीचे प्रणाली, तारपीडो और काउंटरमेजर सिस्टम का निर्माण करेगा, जिसमें 480 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इससे तटीय सुरक्षा, नौसैनिक क्षमताओं और 'ब्लू इकोनामी' मजबूत होगी। भारत फोर्ज की सिंहायक कंपनी 'अग्न्यास्त्र' भविष्य के युद्ध की आवश्यकताओं के लिए उन्नत हथियार प्रणालियों का निर्माण करेगी। इसमें 1,500 करोड़ का निवेश होगा, जबकि एचएफसीएल विद्युत फ्यूज निर्माण सुविधाएं स्थापित करेगा, जिसमें 1,294 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

रक्षा निर्यात बढ़कर 40,000 करोड़ हो गया

रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अन्य देशों पर निर्भर है, जिससे आज से शुरू हो रही परियोजनाओं का महत्व बढ़ा है।सिंह ने नायडू से क्षेत्र को एक सैन्य-औद्योगिक परिसर में विकसित करने का आग्रह कर कहा कि बेंगलुरु से निकटता बड़ा लाभ है। घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 में 46,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.54 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। जल्द यह 1.75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचेगा, जबकि रक्षा निर्यात 600 करोड़ से 40,000 करोड़ रुपये हो गया है।

आंध्र सोने के उत्पादन का केंद्र बनेगा

नायडू ने कहा कि पुट्टापर्थी में 650 एकड़ भूमि पर स्थापित एएमसीए परियोजना एक समर्पित टाउनशिप के विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी और 7,500 लोगों के लिए रोजगार उत्पन्न करेगी। इस वर्ष कर्नूल में अपने जान्नागिरी सोने के क्षेत्र से सोने का खनन शुरू करेगा, जिसमें पहले वर्ष में 600 किलो और दूसरे वर्ष में 1,500 किलो सोने का उत्पादन होगा। नायडू ने बताया कि आंध्र प्रदेश भविष्य में सोने के उत्पादन का 'घर' बनेगा, जो भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव को कम कर सकता है।