वजन घटाने वाली दवाओं की बिक्री पर सख्ती, क्लिनिक से लेकर फार्मेसी तक पड़ रहे छापे; सरकार ने दी चेतावनी
देश के ड्रग कंट्रोलर ने GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की बिना अनुमति बिक्री और प्रचार पर सख्ती बढ़ा ...और पढ़ें

वजन घटाने वाली दवाओं की बिना अनुमति बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश के ड्रग कंट्रोलर ने GLP-1 आधारित वजन घटाने वाली दवाओं की बिना अनुमति बिक्री और प्रचार के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। यह कदम बाजार में GLP-1 दवाओं के कई जेनेरिक संस्करणों के आने के बाद उठाया गया है। Ozempic और Mounjaro जैसी दवाओं को लेकर काफी विवाद चल रहा था।
दरअसल अधिकारियों को चिंता है कि ये दवाएं बिना चिकित्सक की प्रिस्क्रिप्शन के सिर्फ लोगों की मांग पर उपलब्ध कराई जा रही है और इसके लिए रिटेल फार्मेसी, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, थोक विक्रेता और वेलनेस क्लिनिकों को जरिया बनाया जा रहा है।
10 मार्च को आई थी एडवाइजरी
इस संबंध में ड्रग कंट्रोलर ने 10 मार्च को दवा निर्माताओं के लिए एक डिटेल एडवाइजरी भी जारी की है। इसके मुताबिक, उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले या ऑफ लेबल उपयोग को बढ़ावा देने वाले ऐसे किसी भी सरोगेट विज्ञापन या अप्रत्यक्ष प्रचार पर बैन लगा दिया गया है।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने दवा की सप्लाई चेन में नैतिक तरीकों को सुनिश्चित करने के लिए नियामक निगरानी बढ़ाने का आदेश दिया है। मंत्रालय का कहना है कि उचित चिकित्सकीय देखरेख के बिना इन दवाओं का उपयोग करने से गंभीर दुष्प्रभाव और स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं।
बता दें कि हाल ही में दवाओं को लेकर निगरानी बढ़ गई है। ड्रग रेगुलेटर ने देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित ऑनलाइन फार्मेसी के गोदाम, थोक विक्रेता, खुदरा विक्रेता और वेलनेस या स्लिमिंग क्लीनिक का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि भारत में इन दवाओं को केवल एंडोक्रिनोलॉजिस्ट और इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञों के प्रिस्क्रिप्शन पर ही मंजूरी दी गई है।कार्डियोलॉजिस्ट केवल कुछ विशेष उपयोगों के लिए इन्हें लिख सकते हैं।
