इलेक्ट्रॉनिक्स से ऑटोमोबाइल तक: अफ्रीका के बाजार में चीन के दबदबे को भारत दे रहा चुनौती
भारत तेजी से अफ्रीका और आसियान देशों में अपना निर्यात बढ़ा रहा है, जिससे अफ्रीकी बाजार में चीन के प्रभुत्व को चुनौती मिल रही है।
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अफ्रीका में भारत का निर्यात तेजी से बढ़ा

समय कम है?
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राजीव कुमार, नई दिल्ली। दस साल पहले तक वस्तु निर्यात के लिए मुख्य रूप से अमेरिका व यूरोप पर निर्भर भारत तेजी से अफ्रीका और आसियान (एसोसिएशन ऑफ साउथ ईस्ट एशियन नेशंस) देशों में अपना निर्यात बढ़ा रहा है।
अफ्रीका एक ऐसा बाजार है जहां अब तक चीन का आधिपत्य है और अब भारतीय वस्तुओं की मांग भी उन देशों में तेजी से बढ़ रही है। चीन अफ्रीका के 53 देशों में सालाना 225 अरब डॉलर का निर्यात करता है।
अफ्रीका में भारत का निर्यात तेजी से बढ़ा
चीन से सबसे अधिक माल खरीदने वाले देशों में दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और मिस्त्र है। इन देशों नें भारत का निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों में दक्षिण अफ्रीका के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही के मुकाबले 51 प्रतिशत, नाइजीरिया में 19.6 प्रतिशत तो मिस्त्र में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।
भारत के कुल निर्यात में दक्षिण अफ्रीका की हिस्सेदारी 2.2 प्रतिशत पहुंच चुकी है। इन तीन देशों के अलावा भारत अफ्रीका के कीनिया, तंजानिया व कई अन्य देशों में निर्यात कर रहा है। चीन की तरह भारत भी इन देशों में इलेक्ट्रॉनिक्सवस्तुओं से लेकर ऑटोमोबाइल्स तक की बिक्री कर रहा है।
अफ्रीका के कई देशों की विकास दर चार प्रतिशत के पास चल रही है जहां उपभोक्ता वस्तुओं की मांग लगातार बढ़ रही है। निर्यातकों ने बताया कि पहले अफ्रीकी देशों में माल भेजने व वहां से भुगतान होने को लेकर कई आशंकाएं रहती थी।
इसलिए भी वे निर्यात नहीं कर रहे थे। सरकार की नीतिगत सुधारों की वजह से अब उन्हें अफ्रीका में माल भेजने में कोई परेशानी नहीं है और अब वे चीन के माल से अफ्रीका के बाजार में मुकाबला कर रहे हैं।
सरकारी सुधारों से निर्यातकों को मिली मदद
वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में अफ्रीकी देशों में होने वाले भारतीय निर्यात में 47 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
इस साल अप्रैल-अगस्त में भारत ने अफ्रीका के देशों में 26.19 अरब डालर का निर्यात किया जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह निर्यात 17.83 अरब डालर का था।
चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में आसियान देशों के निर्यात में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 56 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
यही वजह है कि यूरोपीय यूनियन होने वाले निर्यात में मात्र चार प्रतिशत की बढ़ोतरी के बावजूद भारतीय निर्यात में दहाई अंक में इजाफा हो रहा है।
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