कभी खनन से हुआ था तबाह, आज बना भव्य पर्यटन केंद्र; चीन की वांगशियान घाटी में हर साल पहुंच रहे 30 लाख पर्यटक
चीन की जियांगशी प्रांत स्थित वांगशियान घाटी, जो कभी ग्रेनाइट खदानों से तबाह थी, अब पुनर्विकास के बाद एक भव्य ...और पढ़ें
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चीन की उजड़ी खदान अब बनी भव्य पर्यटन केंद्र (फोटो- सोशल मीडिया)
HighLights
वांगशियान घाटी ग्रेनाइट खदान से भव्य पर्यटन केंद्र बनी।
2007 में खदान बंद, 2010 से पुनर्विकास कार्य शुरू।
हर साल 30 लाख पर्यटक, करोड़ों का पर्यटन कारोबार।
डिजिटल डेस्क, बीजिंग। चीन के जियांगशी प्रांत स्थित वांगशियान घाटी, जो कभी ग्रेनाइट की खदानों और पर्यावरण विनाश के लिए जानी जाती थी, पुनर्विकास प्रयासों के चलते आज एक भव्य पर्यटन केंद्र में बदल चुकी है। साल 2007 में खदानें बंद होने के बाद 2010 से शुरू हुए पुनर्विकास कार्य ने एक दशक के भीतर इसको इतना खूबसूरत बना दिया है कि अब यहां हर साल लाखों पर्यटक आ रहे हैं।
ऊंची चट्टानों से सटे पारंपरिक घर, खूबसूरत पुल और हर तरफ जगमगाती रोशनी अब हर साल लगभग 30 लाख पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, जिससे इस क्षेत्र में करोड़ों रुपये का पर्यटन कारोबार हो रहा है।
खनन के कारण हो गया था विरान
पहली नजर में देखने में यहां का नजारा किसी पुराने चीनी बस्ती का लगता है, लेकिन जियांग्शी प्रांत की वांगशियान घाटी आधुनिक दौर की रचना है। यह वही जगह है, जहां कभी ग्रेनाइट की खदानें हुआ करती थीं। खनन के कारण यहां की न सिर्फ हरियाली उजड़ी, बल्कि नदी भी प्रदूषित हो गई।
2007 में बंद हुआ था खदान
साल 2007 में यहां की सरकार ने इस खदान को पूरी तरह बंद कर दिया, जिसके बाद 2010 में पुनर्विकास शुरू हुआ। पुनर्विकास का काम यहां लगभग 10 साल तक चला। 10 साल के भीतर इसको ऐसा विकसित किया गया कि यह अब उजड़ी घाटी पर्यटन केंद्र बन गई है।
यहां रात का नजारा सबसे अधिक खूबसूरत होता है। शाम को सूर्य ढलते ही पहाड़ लाइटों से जगमगा उठतें हैं। 110 मीटर ऊंची चट्टान पर लोकनृत्य और संगीत के कार्यक्रम होते रहते हैं, जिससे घाटी गुलजार रहती है। हाल ही की छुट्टियों में पहुंचे पर्यटकों ने इसे एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
प्रशासन के मुताबिक, चीन के राष्ट्रीय दिवस के मौके पर यहां एक सप्ताह के भीतर करीब 1.22 लाख पर्यटक पहुंचे। इस दौरान पर्यटनस्थल ने 3200 करोड़ रु. का कारोबार किया। पिछले साल 2025 में यहां 30 लाख सैलानी पहुंचे थे। वहीं इस साल 2026 की छमाही में यहां 90 हजार विदेशी पर्यटक भी आए।
