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BAMS डॉक्टर से IRS कमिश्नर बनने तक, अल्मोड़ा की बेटी श्रद्धा जोशी ने दिया सफलता का मंत्र

Published: Thu, 08 Oct 2026 04:50 PM (GMT+05:30)

IPS मनोज शर्मा की पत्नी श्रद्धा जोशी शर्मा ने डॉक्टर से IRS कमिश्नर बनने तक का प्रेरणादायक सफर तय किया ...और पढ़ें

डॉक्टर से IRS कमिश्नर तक का प्रेरणादायक सफर तय किया।

डॉक्टर से IRS कमिश्नर तक का प्रेरणादायक सफर तय किया।

HighLights

  1. डॉक्टर से IRS कमिश्नर तक का प्रेरणादायक सफर तय किया।

  2. IPS मनोज शर्मा के हर संघर्ष में मजबूती से साथ रहीं।

  3. उत्तराखंड के अल्मोड़ा की बेटी, लाखों युवाओं की प्रेरणा।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। IPS मनोज कुमार शर्मा को तो सब जानते हैं, उनका संघर्ष, लगन और आत्मविश्वास की कहानी फिल्म 12th Fail में सब ने देखी। लेकिन उनकी सफलता के पीछे जो सबसे मजबूती से उनके साथ खड़ी रहीं वह थीं श्रद्धा जोशी शर्मा। श्रद्धा जोशी मनोज शर्मा के साथ उनके हर अच्छे-बुरे वक्त में साथ थी। लेकिन उनकी अपनी कहानी किसी मिसाल से कम नहीं है।

डॉक्टर से UPSC ऑफिसर बनने का सपना

उत्तराखंड के पहाड़ों से निकलकर देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंचने और हर कदम में अपने पति का सहारा बनने वाली श्रद्धा का जीवन भी आसान नहीं रहा। श्रद्धा का जन्म 5 मार्च 1979 को उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में हुआ था। श्रद्धा बचपन से ही बहुत होनहार छात्रा थीं। उन्होंने 12वीं कक्षा में मेरिट हासिल की थी और उस समय स्टेट बोर्ड में 13वीं रैंक हासिल की थी।

श्रद्धा के माता-पिता दोनों डॉक्टर थे और वो हमेशा से चाहते थे कि श्रद्धा डॉक्टर बने, इसीलिए माता-पिता के सपने पूरे करने के लिए श्रद्धा हाईस्कूल के बाद ही हरिद्वार के गुरुकुल कांगडी चली गई और वहां से आर्युवेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS) की डिग्री हासिल की।

BAMS पूरा करने के बाद श्रद्धा ने उत्तराखंड के एक अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। अस्पताल में काम करते वक्त उन्हें एहसास हुआ कि उनका असली झुकाव सिविल सर्विस की ओर है।

मुखर्जी नगर में हुई मनोज कुमार से मुलाकात

अपने सपने को पूरा करने के लिए श्रद्धा दिल्ली के मुखर्जी नगर आ गई और यहीं एक UPSC कोचिंग सेंटर में उनकी मुलाकात मनोज कुमार शर्मा से हुई थी। श्रद्धा की साहित्य में रुचि को देखते हुए एक शिक्षक ने ही मनोज शर्मा से उनका परिचय कराया था।

जब श्रद्धा को पता चला की 12वीं कक्षा में फेल होने के बाद भी मनोज ने बिना किसी कोचिंग के UPSC प्रीलिम्स की परीक्षा पास कर ली, तो वह उनके आत्मविश्वास से बेहद प्रभावित हुईं।

जब मनोज संघर्ष कर रहे थे और उनके पास कुछ नहीं था, तब भी श्रद्धा उनके साथ चट्टान की तरह खड़ीं रहीं। श्रद्धा एक संपन्न परिवार से थी लेकिन उन्होंने मनोज की स्थिति से खुद को कभी अलग नहीं किया। जब मनोज लगातार तीन बार UPSC में असफल हुए, तब भी श्रद्धा चट्टान की तरह उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने न केवल खुद पढ़ाई जारी रखी, बल्कि मनोज का हौसला भी कभी टूटने नहीं दिया।

PCS से IRS अधिकारी बनने तक का सफर

साल 2005 में PCS की परीक्षा पास करने के बाद श्रद्धा जोशी उत्तराखंड में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर नियुक्त की गई। लेकिन श्रद्धा यहीं रुकी नहीं और साल 2007 में अपने पति मनोज शर्मा के सहयोग से उन्होंने फिर से UPSC की परीक्षा दी और AIR 121 के साथ परीक्षा पास की और IRS में शामिल हो गई। 2007 से अब तक श्रद्धा ने कई बड़े पदों पर सेवा दी है।

समयावधि / वर्ष पद / कार्य विवरण विभाग / संस्थान
2007 से पहले अस्पताल में डॉक्टर के तौर पर कार्य, फिर PCS परीक्षा उत्तीर्ण कर डिप्टी कलेक्टर/सरकारी कर्मचारी के रूप में कार्य उत्तराखंड स्वास्थ्य सेवा एवं राज्य नागरिक सेवा (उत्तराखंड सरकार)
2007 UPSC सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण (AIR 121) एवं चयन इंडियन रेवेन्यू सर्विस (IRS - कस्टम्स एवं इनडायरेक्ट टैक्स)
शुरुआती IRS करियर डिप्टी कमिश्नर सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC), भारत सरकार
2018 मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) महिला आर्थिक विकास महामंडल (MAVIM), महाराष्ट्र
2022 मैनेजिंग डायरेक्टर (MD) महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MTDC), मुंबई
2025–वर्तमान कस्टम्स कमिश्नर (ऑडिट कमिश्नरेट, ज़ोन 1) एवं प्रिंसिपल कमिश्नर (जनरल) का अतिरिक्त प्रभार कस्टम्स विभाग, मुंबई (केंद्र सरकार)

चाय प्रेमी पहाड़ी और चंबल की शादी

एक इंटरव्यू के दौरान मनोज और श्रद्धा ने अपनी शादी से जुड़ा एक बेहद दिलचस्प किस्सा शेयर किया था। मनोज शर्मा ने मजाकिया अंदाज में बताया कि श्रद्धा की जिंदगी चाय पर टिकी है, उन्होंने कहा, 'एक पहाड़ी इंसान को सोते समय भी चाय चाहिए और उठते समय भी।'

वहीं श्रद्धा ने अपनी शादी के एक किस्सा साझा करते हुए बताया, 'मैं उत्तराखंड की पहाड़ियों से आती हूँ जहाँ लोगों ने बंदूकें नहीं देखीं। वहीं मनोज चंबल से हैं। हमारी शादी में लोग दोनाली बंदूकें लेकर घूम रहे थे और हवा में गोलियां चला रहे थे।'

IRS श्रद्धा जोशी की कहानी इस बात का सबूत है कि एक महिला न केवल अपनी मेहनत से खुद सफल हो सकती है बल्कि अपने जीवनसाथी की ढाल बनकर उसे भी सफलता के शिखर तक पहुंचा सकती है। श्रद्धा जोशी आज देश भर की लाखों युवाओं और महिलाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। 

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