बेंगलुरु के पब में आईडी मांगने पर भड़के IAS अफसर, पुलिसकर्मियों से की बदसलूकी; कैमरे में कैद हुई घटना
बेंगलुरु के एक पब में देर रात चेकिंग के दौरान आईडी मांगने पर आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी ने ...और पढ़ें
HighLights
आईएएस अधिकारी ने बेंगलुरु पब में पुलिसकर्मी को थप्पड़ मारा।
देर रात चेकिंग के दौरान आईडी मांगने पर विवाद बढ़ा।
विकास मरमथ सहित चार लोगों पर मामला दर्ज।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। बेंगलुरु पुलिस और सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) की एक टीम ने शहर भर में देर रात नियमों के उल्लंघन की जांच के लिए अभियान चलाया था।
पिछले शुक्रवार की रात करीब 1:30 बजे पुलिसकर्मी जब कावूर पब पहुंचे, तो उन्होंने ग्राहकों की उम्र चेक करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जांच के लिए पहचान पत्र मांगना शुरू किया।
वर्दीधारी पुलिसकर्मियों द्वारा आईडी मांगे जाने पर वहां मौजूद एक ग्राहक और उनके साथी नाराज हो गए और बहस करने लगे। पहचान पत्र मांगने पर विवाद कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गया।
IAS अफसर ने पुलिसकर्मियों से की गाली-गलौज
आरोप है कि आंध्र प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी और उनके तीन दोस्तों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और गालियां दीं। जब ड्यूटी पर तैनात पुलिस इंस्पेक्टर ने इस दुर्व्यवहार का विरोध किया, तो अधिकारी ने थप्पड़ जड़ दिया।
अधिकारी ने धमकी देते हुए कहा कि वह एक आईएएस अधिकारी हैं और पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
आईएएस अधिकारी और उनके दोस्तों पर एफआईआर दर्ज
इस घटना के बाद पुलिस इंस्पेक्टर की शिकायत पर कब्बन पार्क पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया। मुख्य आरोपी की पहचान विकास मरमथ के रूप में हुई है, जो आंध्र प्रदेश के कुप्पम में कुप्पम क्षेत्र विकास प्राधिकरण (KADA) के परियोजना निदेशक के पद पर कार्यरत हैं।
उनके साथ मौजूद तीन दोस्तों की पहचान अभय उदय सिंह, नितेश और रोशन के रूप में हुई है। चारों आरोपियों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और मारपीट के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
देर रात पुलिस की बड़ी कार्रवाई
बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह के नेतृत्व में यह बड़ा तलाशी अभियान चलाया गया था। नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए करीब 1,500 पुलिसकर्मियों ने शहर के 400 से 500 बार और पबों में औचक निरीक्षण किया।
शनिवार तड़के 2 बजे तक चले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तय समय सीमा के उल्लंघन, कम उम्र में शराब पीने और अन्य अनियमितताओं पर रोक लगाना था। यह कार्रवाई ब्रिगेड रोड के प्रसिद्ध पबों समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में की गई।
