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फेस्टिव सीजन में आपकी जेब पर नहीं पड़ेगा भारी हवाई किराए का बोझ, सरकार की एयरलाइंस को सख्त हिदायत

Published: Tue, 22 Sep 2026 07:14 PM (IST)

केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले एयरलाइंस को हवाई किराए वाजिब रखने का साफ संदेश दिया है, ताकि यात्रियों को ऊंची कीमतों की मार न झेलनी पड़े।

सरकार ने एयरलाइंस को त्योहारी किराए वाजिब रखने का संदेश दिया

सरकार ने एयरलाइंस को त्योहारी किराए वाजिब रखने का संदेश दिया

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले केंद्र सरकार ने एयरलाइंस को साफ संदेश दिया है कि हवाई किराए वाजिब स्तर पर रखे जाएं।

नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि त्योहारों और बड़े मौकों पर मंत्रालय एयरलाइनों से लगातार बात करता है और नियमित बैठकें होती हैं। सरकार का आग्रह है कि जो यात्री इन दिनों घर जाना चाहते हैं, उन्हें ऊंचे किराए की मार न झेलनी पड़े।

वैसे मंत्रालय हर साल लगभग यही कोशिश करता है लेकिन आम तौर पर एयरलाइनों पर बहुत ज्यादा अंकुश नहीं लग पाता। असलियत यह है कि निजी एयरलाइनों पर कानूनी तौर पर किराए को लेकर सरकार एक सीमा तक ही दबाव बना सकती है।

मांग बढ़ते ही टिकट महंगे हो जाते हैं। पिछले वर्षों में दीवाली-दशहरा के आसपास कई रूटों पर किराए सामान्य दिनों से दोगुने तक चले गए।

नायडू यहां एक कार्याक्रम में उड़ान-दो योजना की घोषणा व संबंधित पक्षों के साथ हस्ताक्षर करने के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उड़ान के नए चरण के लिए 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से समझौता हुआ है।

पांच और राज्यों की तरफ से जल्द ही समझौता किये जाने की बात बताई गई है। बिहार, छत्तीसगढ़. हिमाचल प्रदेश, असम, राजस्थान, ओडीसा, आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के साथ समझौता हो गया है।

सरकार ने एयरलाइंस को त्योहारी किराए वाजिब रखने का संदेश दिया

देश के दूर दराज के इलाकों और छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने व आम आदमी को सस्ती हवाई सेवा के उद्देश्य से शुरू की गई उडान योजना का विस्तार अब दस साल के लिए किया गया है।

विमानन मंत्री ने बताया कि उडान-दो योजना के तहत केंद्र सरकार की तरफ से 30 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा, जबकि राज्यों की तरफ से भी इतनी ही राशि का निवेश किये जाने की संभावना है।

इस तरह से देश के एविएशन सेक्टर में कुल 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता खुलेगा। इससे देश में 100 और हवाई अड्डे बनाये जाएंगे जबकि 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण होगा।

एविएशन सेक्टर से जुड़ा हर निर्माण 18 महीने में पूरा करने की बात भी इसमें है। उड़ान के तहत अभी तक देश में 90 से ज्यादा हवाई अड्डों का निर्माण हुआ है और 1.68 करोड़ यात्रियों को इसका लाभ हुआ है।

हवाई किराया के ज्यादा बने रहने के बारे में विमानन मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बाद से हवाई ईंधन (एटीएफ) काफी महंगा हो चुका है।

हवाई सेवा संचालन में 43 फीसद तक हिस्सा सिर्फ एटीएफ का होता है इससे समझा जा सकता है कि इसमें थोड़ी सी भी वृद्धि पूरे एयरलाइन पर कितना असर डाल सकती है।

अदाणी एयरलाइन पर फैसला नहीं, मंत्रालय कर रहा विचार

नागरिक विमानन मंत्री नायडू ने मंगलवार को कहा कि अदाणी समूह के एयरलाइन शुरू करने संबंधी प्रस्ताव पर सरकार ने अभी कोई फैसला नहीं लिया है।

हवाई अड्डे और एयरलाइन एक साथ चलाने के फायदे-नुकसान पर विचार चल रहा है। नायडू ने कहा कि सरकार देश में और एयरलाइंस चाहिए, ताकि यात्रियों के पास विकल्प बढ़ें।

गर कोई इसमें दिलचस्पी रखता है तो सरकार उस विचार का समर्थन करती है। लेकिन जब वही कंपनी हवाई अड्डा भी चलाए और एयरलाइन भी, तो संभावित नुकसान की समीक्षा करनी होगी और अगर कोई अनियमितता होती है तो उसे संभालने की व्यवस्था बनानी होगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में कोई ऐसा नियम नहीं है जो एयरपोर्ट आपरेटर को एयरलाइन चलाने से नहीं रोक लगाये। पाबंदी केवल दिल्ली और मुंबई के एयरपोर्ट संचालकों के साथ किये गये समझौतों को लेकर है।

अन्य निजी ऑपरेटर के लिए ऐसा सामान्य प्रतिबंध नहीं है। इसलिए संतुलित रुख अपनाया जाएगा। फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

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