फ्लाइट में पावर बैंक ले जा सकते हैं या नहीं? एयरलाइंस के नियम जानिए
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के सख्त नियम हैं क्योंकि इनमें लिथियम-आयन बैटरी होती हैं, जिनसे आग लगने का खतरा हो सकता है।

फ्लाइट में पावर बैंक ले जा सकते हैं या नहीं?

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में पावर बैंक हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गया है। लंबे सफर, एयरपोर्ट पर इंतजार, फ्लाइट में देरी या फोन के ज्यादा इस्तेमाल होने पर इस पोर्टेबल चार्जर के होते हमें चार्जिंग सॉकेट की तलाश नहीं करनी पड़ती। लेकिन फ्लाइट में पावर बैंक को आम इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरी की तरह नहीं देखा जाता।
इसमें लिथियम-आयन बैटरी होने की वजह से इसे विमान में ले जाने और इस्तेमाल करने के सख्त नियम हैं। पावर बैंक आपके साथ सफर तो कर सकता है, लेकिन घर की तरह आप आराम से इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते। जानें क्या हैं विमान में पावर बैंक ले जाने के नियम और सावधानियां, ताकि आपकी यात्रा बिना किसी परेशानी के पूरी हो।
क्या फ्लाइट में ले जा सकते हैं पावर बैंक?
पावर बैंक में लिथियम-आयन बैटरी होती हैं, जो कम जगह में बहुत ज्यादा एनर्जी स्टोर करती हैं। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर ये बैटरी आम तौर पर सुरक्षित होती हैं, लेकिन अगर ये डैमेज हो जाए, ज्यादा गर्म हो जाए या फिर इसमें शॉर्ट-सर्किट हो जाए, तो खतरनाक हो सकती हैं।
क्या होता है 'थर्मल रनअवे'?
सबसे बड़ी चिंता 'थर्मल रनअवे' (thermal runaway) नाम की स्थिति है, जिसमें बैटरी तेजी से गर्म हो जाती है और उसमें आग लग सकती है। जाहिर है, एयरलाइंस के पास इसे रखने और इस्तेमाल करने के लिए कड़े नियम हैं।
एम्स्टर्डम से कुराकाओ जा रही KLM फ्लाइट में आग
17 सितंबर को एम्स्टर्डम से कुराकाओ जा रही KLM रॉयल डच एयरलाइंस की फ्लाइट में पावर बैंक में आग लगने की घटना के बाद सुरक्षा से जुड़ी ये चिंताएं अब चर्चा में आ गई हैं।
डच मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बिजनेस-क्लास केबिन में चार्ज हो रहे एक पावर बैंक में अचानक आग लग गई। बाद में, कैप्टन ने प्लेन को वापस एयरपोर्ट ले जाने का फैसला किया।
क्या कहती है IATA की गाइडलाइंस?
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की गाइडलाइंस कहती हैं कि टैक्सी, टेक-ऑफ या लैंडिंग के समय दूसरे डिवाइस को पावर देने के लिए पावर बैंक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसमें यह भी कहा गया है कि एयरलाइंस सुरक्षा कारणों से सख्त नियम लागू कर सकती हैं।
और हां, एयरलाइंस असल में फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से चार्जिंग करने की इजाजत नहीं देती हैं। उदाहरण के लिए, ब्रिटिश एयरवेज का कहना है कि एयरक्राफ्ट की सीट पर मौजूद पावर सप्लाई का इस्तेमाल सिर्फ़ पर्सनल इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के लिए किया जाना चाहिए, न कि पावर बैंक चार्ज करने के लिए।
जब फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने की बात आती है, तो ज्यादातर एयरलाइंस हर यात्री को ज्यादा से ज्यादा दो पावर बैंक ले जाने की इजाजत देती हैं और हर पावर बैंक की क्षमता 100 वॉट-घंटे (Wh) से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
फ्लाइट में पावर बैंक ले जाने के नियम
चेक-इन बैगेज में पावर बैंक ले जाने की इजाजत नहीं है। इन्हें आपके साथ आपके हैंड बैगेज में ही रखना होगा। इंडिगो का कहना है कि स्पेयर बैटरी (लिथियम बैटरी सहित) को सिर्फ केबिन बैगेज में ले जाना चाहिए और शॉर्ट सर्किट से बचाने के लिए उन्हें अलग-अलग रखना चाहिए।
एविएशन गाइडलाइंस यह भी सलाह देती हैं कि पावर बैंक को ऐसी जगह रखें जहां से उन्हें आसानी से निकाला जा सके, जैसे सीट की जेब में या आपके सामने वाली सीट के नीचे रखे बैग में।
पावर बैंक ले जाने की अनुमति है, लेकिन कई एयरलाइंस इसके इस्तेमाल से दूसरे उपकरणों को चार्ज करने पर रोक लगाती हैं। अकासा एयर इस बात पर जोर देती है कि उड़ान के दौरान पावर बैंक का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए।
एयर इंडिया भी चेतावनी देती है कि अगर यात्री इन नियमों का पालन नहीं करते, तो उन्हें हवाई अड्डे पर अतिरिक्त पावर बैंक छोड़ने पड़ सकते हैं।
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