PM का वीडियो हटाने पर मेटा के पब्लिक पॉलिसी ग्लोबल हेड तलब, कंपनी का स्पष्टीकरण सरकार ने किया खारिज
सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक पोस्ट हटाने के मामले में मेटा के ग्लोबल हेड को तलब किया है। मेटा ...और पढ़ें

सरकार ने पीएम मोदी का वीडियो हटाने पर मेटा को तलब किया

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सरकार ने अमेरिका कंपनी मेटा के इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पोस्ट हटाने के बाद उसकी पब्लिक पॉलिसी के ग्लोबल हेड को तलब किया है।
सूत्रों के अनुसार, मेटा ने बताया कि उसके स्वचालित ‘कंटेंट फिल्टर’ में तकनीकी गड़बड़ी के कारण प्रधानमंत्री मोदी की फेसबुक ‘पोस्ट’ हट गई थी। मेटा ने गलती मानते हुए बाद में पीएम की पोस्ट को री-स्टोर कर दिया।
हालांकि, सरकार ने मेटा के इस स्पष्टीकरण को उचित नहीं माना और कहा कि इस मामले में गहन चर्चा की जरूरत है। मामले का अभी निपटारा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यदि यह त्रुटि स्वचालित प्रणाली में गड़बड़ी के कारण हुई है तो मेटा को अपने उपकरणों में सुधार करना चाहिए।
मेटा ने तकनीकी गड़बड़ी बताकर पोस्ट हटाई थी
सूत्रों ने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने फेसबुक और इंस्टाग्राम की संचालक कंपनी मेटा के लोक नीति प्रमुख को तलब किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को इंस्टाग्राम पर अपनी पहली वीडियो साझा की थी।
इस वीडियो में उन्होंने युवाओं को प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इस वीडियो को फेसबुक पर भी साझा किया गया था, लेकिन बाद में इसे वहां से हटा दिया गया।
इसके बाद भाजपा कार्यकर्ता प्रीति गांधी ने फेसबुक के इस कदम पर सवाल उठाए थे। मोदी के वीडियो पर कथित रोक को लेकर मेटा की आलोचना करते हुए ‘एक्स’ पर उन्होंने लिखा था कि इससे कंपनी की राजनीतिक निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल उठते हैं।
प्रीति गांधी ने कहा- ‘दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री भारत के युवाओं से जुड़ने के लिए अपनी वीडियो जारी करते हैं… और फेसबुक उस पर रोक लगा देता है? मेटा को यह अधिकार किसने दिया कि वह तय करे कि करोड़ों भारतीय क्या देखें और क्या नहीं देखें?’
सरकार ने मेटा के स्पष्टीकरण को खारिज कर दिया
मेटा के प्रवक्ता ने इस पर माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि सामग्री गलती से हटा दी गई थी और इसे बाद में बहाल कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि मेटा हाल के दिनों में कई नियामकीय जांचों का सामना कर रही है। इससे पहले आइटी मंत्रालय ने मेटा के स्वामित्व वाले वाट्सएप को नोटिस जारी कर उसके प्रस्तावित ‘यूजरनेम फीचर’ पर सवाल उठाए थे।
इसके बाद वाट्सएप ने सरकार को आश्वासन दिया था कि बातचीत पूरी होने तक वह इसे भारत में पेश नहीं करेगा। सरकार ने ‘इंस्टाग्राम’ पर विज्ञापनों में बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री के इस्तेमाल को लेकर मेटा को कड़ी चेतावनी भी जारी की हुई है।
