नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने और संकट में फंसी जरूरतमंद महिलाओं को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए सरकार देश के हर जिले में क्राइसिस सेल नाम से विशेष केंद्र खोलेगी। इसके साथ ही देश के 114 शहरों में महिलाओं को तत्काल सहायता पहुंचाने के लिए जीपीएस आधारित सहायता वाहन तैनात करने जा रही है। लोकसभा में एक सवाल का जबाव देते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने स्वीकार किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए मौजूदा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है, सरकार इसे दुरुस्त करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

हर जिले में खुलने वाले क्राइसिस सेल के बारे में बताते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह सेल पीड़ित महिलाओं को सभी तरह की सहायता उपलब्ध कराएगा। जिनमें महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस में एफआइआर दर्ज कराने से लेकर उसे मानसिक, आर्थिक और कानूनी सहायता देना शामिल है। वहीं 114 शहरों में जीपीएस से लैस वाहनों की तैनाती के बारे में उन्होंने कहा कि इससे मुश्किल में फंसी महिला के मोबाइल के आधार पर आसानी से उसके लोकेशन का पता लग जाएगा, जिससे पुलिस को उस तक पहुंचने में आसानी होगी।

दुष्कर्म के मामलों में नाबालिगों की उम्र सीमा घटाए जाने के बारे में उन्होंने कहा कि यह महिला और बाल विकास मंत्रालय के अधीन आता है। उन्होंने कहा कि महिला व बाल विकास मंत्रालय इस बारे में जो भी फैसला लेगा, सरकार उस पर विचार करेगी।

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