यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'सरकार निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उठा रही हरसंभव कदम', कोयला भंडार को लेकर क्या बोले बिजली मंत्री?
केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को कहा कि पारा चढ़ने के साथ बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने ...और पढ़ें

HighLights
- बिजली मंत्री ने बंद बिजलीघरों से जल्द से जल्द परिचालन शुरू करने को कहा
- तापीय संयंत्रों के लिए जून तक पर्याप्त कोयलाभंडार सुनिश्चित कर रही सरकार
पीटीआई, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने गुरुवार को कहा कि पारा चढ़ने के साथ बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बिजली घरों को पूरी क्षमता के साथ काम करने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।
मौसम विभाग के लंबे समय तक भीषण गर्मी पड़ने का अनुमान के साथ सरकार ने रखरखाव या अन्य कारणों से बंद सभी बिजलीघरों से जल्द-से-जल्द परिचालन शुरू करने को कहा है। साथ ही विशिष्ट उपयोगकर्ताओं के लिए काम कर रहे बिजली घरों पर उपलब्ध अतिरिक्त बिजली का उपयोग करने को कहा है।
बिना बाधा बिजली सप्लाई का जताया भरोसा
सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि तापीय बिजलीघर के पास जून तक के लिए पर्याप्त कोयला भंडार हो। साथ ही सभी इकाइयों से बिजली बाजारों में अपनी बिना अनुबंध वाली या अधिशेष बिजली की पेशकश करने को कहा है। केंद्रीय बिजली, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री सिंह ने गर्मियों में अधिकतम मांग को बिना किसी बाधा के पूरा करने का भरोसा जताया।
हम अपनी पूरी क्षमता जुटा रहे हैं। चाहे वह तापीय हो या फिर पनबिजली अथवा नवीकरणीय ऊर्जा या फिर गैस आधारित संयंत्र। इसलिए मुझे लगता है कि हम मांग को पूरा करेंगे।- आरके सिंह
260 गीगावाट की अधिकतम बिजली मांग का अनुमान
बिजली मंत्रालय ने इस गर्मी (अप्रैल-जून) में 260 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) की अधिकतम बिजली मांग का अनुमान लगाया है, जो पिछले साल सितंबर के रिकार्ड 243 गीगावाट से अधिक है। मंत्रालय ने पिछले साल बिजली की अधिकतम मांग 229 गीगावाट होने का अनुमान लगाया था, लेकिन बेमौसम बारिश के कारण सितंबर, 2023 में अब तक की अधिकतम मांग 243 गीगावाट रही थी।