जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। केंद्रीय आयुष मंत्री श्रीपाद यशो नाईक ने दावा किया है कि डायबिटीज की भारत में विकसित की गई दवा "बीजीआर-34" काफी प्रभावी साबित हो रही है। उनका कहना है कि इसी तर्ज पर अब मलेरिया, त्वचा रोग और मानसिक बीमारियों के लिए भी जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाएं विकसित की जा रही हैं। जल्दी ही इनके नतीजे भी सामने आ सकेंगे।

नाईक ने राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंगलवार को बताया कि वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआइआर) की ओर से विकसित की गई "बीजीआर-34" पर बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। अधिकांश मरीजों में ब्लड ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित करने में यह काफी मददगार साबित हो रही है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित देश के अधिकांश राज्यों में यह दवा आसानी से उपलब्ध है। साथ ही इसे ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।

सीएसआइआर की उत्तर प्रदेश स्थित दो प्रयोगशालाओं राष्ट्रीय वनस्पति विज्ञान संस्थान (एनबीआरआइ) और केंद्रीय औषधीय व सुगंधित पादप संस्थान (सीआइएमपी) ने यह दवा तैयार की है। सीएसआइआर का कहना है कि जड़ी-बूटी आधारित होने की वजह से इस दवा का साइड इफेक्ट नहीं है। इसकी मदद से डायबिटीज के मरीजों की एलोपैथिक दवाओं पर निर्भरता को दूर किया जा सकता है।

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