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जंतर-मंतर प्रोटेस्ट के बाद बदल रही देश की राजनीति, सत्ताधारी खेमा और विपक्षी दल बना रहे नई रणनीति

By Jitendra SharmaEdited By: Deepak Gupta
Published: Tue, 04 Aug 2026 08:29 PM (IST)Updated: Tue, 04 Aug 2026 09:33 PM (IST)

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के बाद युवाओं के मुद्दों पर राजनीतिक दलों की रणनीति बदल रही है।

युवाओं की ओर घूमती दिख रही राजनीतिक दलों की रणनीति।   (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

युवाओं की ओर घूमती दिख रही राजनीतिक दलों की रणनीति। (यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है)

HighLights

  1. जंतर-मंतर प्रदर्शन ने युवाओं के मुद्दों को केंद्र में लाया।

  2. विपक्ष आगामी चुनावों के लिए युवा आंदोलन भुनाने को तैयार।

  3. भाजपा युवा वोट बैंक सहेजने को संवाद कार्यक्रम बढ़ा रही।

जितेंद्र शर्मा, नई दिल्ली। हाल ही में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन ने पेपर लीक सहित छात्रों-युवाओं के मुद्दों पर जिस तरह देशभर में युवाओं के जुड़ाव का संदेश दिया, उसके सहारे राजनीतिक परिस्थितियां भी अंगड़ाई लेती दिख रही हैं। तमाम दलों की रणनीति फिलहाल युवाओं की ओर घूम गई है।

जेन-जी के आंदोलन से बने माहौल को अपने पक्ष में भुनाने के लिए विपक्ष अपनी रणनीति बना रहा है। उसकी नजर में यह ऐसा मुद्दा है, जो भगवा खेमे के लिए आगामी चुनावों में चुनौती खड़ी कर सकता है। वहीं भाजपा सहित सतर्क सत्ता पक्ष अपने बड़े युवा वोट बैंक को सहेजे रखने के लिए संवाद के नए मंच सजाने की तैयारी में जुट गया है और उसका दावा है कि विपक्ष युवाओं को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

जेन-जी के आंदोलन को यूपी चुनाव तक ले जाने की तैयारी में विपक्ष

कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले राजधानी में हुए छात्र आंदोलन में भागीदारी का प्रयास कांग्रेस, सपा, आम आदमी पार्टी जैसे दलों ने किया। इस आंदोलन पर भले ही राजनीतिक रंग नहीं चढ़ पाया, लेकिन अब इस माहौल को खास तौर पर उत्तर प्रदेश चुनाव तक ले जाने की तैयारी विपक्ष की है।

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम कर रही कांग्रेस

कांग्रेस लगातार ''छात्रों की गूंज'' कार्यक्रम कर रही है। प्रदेश प्रवक्ता उमाशंकर पांडेय का कहना है कि राहुल गांधी पहले से ही युवाओं और छात्रों के मुद्दे उठाते रहे हैं। इसी क्रम में वह आठ अगस्त को प्रयागराज में छात्रों की गूंज कार्यक्रम को संबोधित करने आ रहे हैं।

समाजवादी पार्टी ने जारी की पीडीए-2 ऑडिट रिपोर्ट

इसी तरह समाजवादी पार्टी ने हाल ही में पीडीए-2 ऑडिट रिपोर्ट जारी किया है। इसमें बताया है कि उत्तर प्रदेश में बीते दस सालों में कितने पेपर लीक हुए। प्रयागराज में हुए छात्रों के प्रदर्शन में सपा युवजन सभा और सपा छात्र सभा ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

रालोद लगाएगा युवा संवाद चौपाल

वहीं, राजग गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष केसी त्यागी ने बताया- रालोद युवा संवाद चौपाल लगाएगा। इसमें कौशल विकास और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी युवाओं के मुद्दे सुनेंगे।

चौपाल की शुरुआत किसी विश्वविद्यालय के परिसर से होगी, फिर प्रदेश भर में आयोजन होंगे। इनमें शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों के युवा बुलाए जाएंगे।

बदलते माहौल पर भाजपा की नजर

भाजपा की भी नजर माहौल पर है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि खास तौर पर 18 से 19 वर्ष के पहली बार के मतदाता को यह समझाना जरूरी है कि पहले की सरकार में परीक्षा, नौकरी, स्वरोजगार आदि की क्या स्थिति थी और अब क्या बदलाव आया है। इसके लिए संवाद की शैली बदलकर कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई जाएगी।

वहीं भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी का कहना है कि पीएम मोदी चार जातियां बताते हैं- गरीब, किसान, महिला और युवा। पीएम की प्राथमिकता में युवा हमेशा से हैं। वह परीक्षार्थियों से परीक्षा पे चर्चा करते हैं, खिलाड़ियों से संवाद करते हैं। नई शिक्षा नीति और स्टार्टअप जैसे कदम उन्हीं ने उठाए। छात्रों से पार्टी के संवाद कार्यक्रम लगातार चल रहे हैं और यह संवाद सतत गति पकड़ेगा।

बड़ा है युवाओं का वोट बैंक

राजनीतिक दल इसलिए भी सक्रिय हैं, क्योंकि युवाओं का देश में बड़ा वोट बैंक है। देश में कुल मतदाताओं की संख्या 96.88 करोड़ है तो इनमें 20 से 29 वर्ष के युवा 19.74 करोड़ हैं। वहीं, पहली बार वोट डालने जा रहे 18-19 वर्ष आयु के मतदाताओं की संख्या लगभग 1.85 करोड़ है।

उत्तर प्रदेश की बात करें तो वहां कुल 13.39 करोड़ वोटरों में से 18-19 वर्ष आयु के करीब 14.66 लाख मतदाता हैं। 20 से 29 वर्ष के मतदाताओं की भागीदारी कुल मतदाताओं में 21-22 प्रतिशत है।

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