ऑनलाइन सामान मंगाते हैं तो हो जाएं सावधान: जेप्टो, ब्लिंकिट समेत कई क्विक कॉमर्स को FSSAI का नोटिस
भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी जैसे ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को खराब गुणवत्ता और एक्सपायरी सामान भेजने पर नोटिस जारी किए हैं।

FSSAI ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए (AI जेनेरेटेड)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। ऑनलाइन खरीदारी में सामान इस्तेमाल करने से पहले उसका वजन, एक्सपायरी और गुणवत्ता जरूर जांचें। भारतीय खाद्य संरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआइ) ने जेप्टो, ब्लिंकिट और स्विगी समेत कई ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफार्म को एक्सपायरी या खराब गुणवत्ता वाला सामान भेजने पर नोटिस जारी किए हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है।
शिकायतों में किसी ग्राहक को एक्सपायरी बेसन तो किसी को खराब दही भेजे जाने का मामला सामने आया है। एक मामले में गेहूं के आटे के बजाय चावल का आटा पहुंचा दिया। सामान के दावे और डिलिवरी में मिले उत्पाद के अलग होने की शिकायतें भी हैं।
FSSAI ने ऑनलाइन डिलीवरी प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए
ब्लिंकिट समेत कई प्लेटफार्म पर भुगतान के मुकाबले कम सामान देने के आरोप भी लगे हैं। इन प्लेटफार्म का कहना है कि ऐसी गलती उनके प्लेटफार्म पर मौजूद विक्रेता की होती है।
इन्हीं के मद्देजनर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के लिए एफएसएसएआइ ई-कामर्स कंपनियों के वास्ते सख्त नियम लाने जा रहा है। उपभोक्ता विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कम वजन की शिकायतें बढ़ रही हैं और इस बारे में ई-कामर्स प्लेटफार्म को लगातार बताया जा रहा है।
वर्ष 2025 में नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन पर ऑनलाइनप्लेटफार्म के खिलाफ पांच लाख से अधिक शिकायतें आईं, जो वर्ष 2024 के मुकाबले दोगुनी थीं। उपभोक्ता मामले विभाग को सबसे अधिक शिकायतें ई-कामर्स प्लेटफार्म से मिल रही हैं।
उपभोक्ताओं को सामान की जांच करने की सलाह दी गई
ई-कामर्स के साथ इन दिनों क्विक कामर्स का चलन भी तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2026 में ऑनलाइनरिटेल बाजार के कारोबार में 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी दिख रही है। इस साल ऑनलाइनरिटेल कारोबार 90 अरब डालर तक पहुंच सकता है।
जानकारों का कहना है कि क्विक कामर्स प्लेटफार्म से किराना या खाने-पीने का सामान मंगाने पर उसके इस्तेमाल की तारीख व उसके वजन की जांच जरूर करें। उपभोक्ता को खुद भी जागरूक होना होगा और डिलीवरी के दौरान उन्हें सामान की जांच जरूर करनी चाहिए।
दुकान से सामान लेते वक्त ग्राहक उसे देखकर वजन कराते हैं, लेकिन ऑनलाइनखरीदारी में पैकिंग के दौरान वे मौजूद नहीं होते। अक्सर ग्राहक मिले सामान का वजन या पैकेट पर लिखी जानकारी भी नहीं जांचते।
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