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बढ़ सकती हैं Zepto की मुश्किलें, FSSAI ने भेजा नोटिस

Published: Mon, 19 Oct 2026 10:25 PM (IST)

क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेप्टो को एक्सपायर्ड बेसन डिलीवर करने के आरोप में FSSAI का नोटिस मिला है।

बढ़ सकती हैं Zepto की मुश्किलें।

बढ़ सकती हैं Zepto की मुश्किलें।

HighLights

  1. जेप्टो को एक्सपायर्ड बेसन डिलीवरी पर FSSAI का नोटिस।

  2. स्टोरिया फूड्स पर भ्रामक जूस दावों के लिए कार्रवाई शुरू।

  3. FSSAI ने तीन अन्य कंपनियों को भी नोटिस जारी किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कुछ ही मिनटों में किराने का सामान पहुंचाने वाले क्विक कामर्स प्लेटफार्म जेप्टो की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने ग्राहक को कथित तौर पर मियाद खत्म हो चुका या एक्सपायर बेसन पहुंचाने के मामले में जेप्टो को नोटिस जारी कर जवाब मांगा हैं।

जेप्टो पर एक ग्राहक ने एक्सपायरी डेट वाला बेसन डिलीवर करने का आरोप लगाया हैं। FSSAI ने सोमवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, मियाद खत्म हो चुके बेसन की डिलीवरी से जुड़ी शिकायत पर जेप्टो मार्केटप्लेस प्राइवेट लिमिटेड को नोटिस जारी किया हैं।

ग्राहक ने एक्स पर शिकायत करते हुए आरोप लगाया था कि बेसन के दो पैकेट इस्तेमाल की अंतिम तारीख निकलने के बाद पहुंचाए गए। दोनों पैकेटों पर ‘इस्तेमाल की अंतिम तारीख: 12-09-2026’ अंकित था। डिलीवरी के समय उनकी मियाद खत्म हो चुकी थी।

FSSAI ने जेप्टो को शिकायत की पुष्टि करने और आर्डर, डिलीवरी, गोदाम, विक्रेता तथा उत्पाद का विवरण देने का निर्देश दिया। कंपनी को स्पष्ट करने को कहा गया कि कथित तौर पर एक्सपायरी डेट वाला बेसन ग्राहक तक कैसे पहुंचा।

जेप्टो से यह भी पूछा गया कि संबंधित उत्पाद का बचा हुआ स्टॉक बिक्री से हटा दिया गया या नहीं। इसके साथ ही कंपनी को प्रभावित ग्राहक को सूचित करने, रिफंड देने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए किए गए उपायों का विवरण भी देना होगा।

‘100 प्रतिशत फ्रूट जूस’ का दावा करने पर घिरी स्टोरिया फूड्स

FSSAI ने स्टोरिया फूड्स एंड बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड के अनार जूस की लेबलिंग और दावों को भ्रामक पाए जाने के बाद कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने को मंजूरी दी हैं।

FSSAI ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा कि ‘स्टोरिया के जूस (अनार) में चार प्रतिशत अनार गाढ़ा रस और 12 प्रतिशत सेब के जूस का गाढ़ा रस हैं, लेकिन इसके नाम और तस्वीर से उत्पाद की वास्तविक संरचना के बारे में उपभोक्ता गुमराह हो सकते हैं। उत्पाद के लेबल पर स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था कि जूस गाढ़े रस से दोबारा तैयार किया गया हैं, जबकि नियमों के तहत ऐसा करना जरूरी हैं।

पैकेट पर किया गया ‘100 प्रतिशत फलों के जूस के समान (दोबारा तैयार किया गया)’ का दावा भी संबंधित एडवाइजरी के अनुरूप नहीं पाया गया।

FSSAI ने ‘नो एडेड शुगर’ यानी ‘अतिरिक्त चीनी नहीं’ होने के दावे पर भी सवाल उठाए हैं। पैकेट के सामने ‘अतिरिक्त चीनी नहीं’ का दावा प्रमुखता से लिखा गया था, जबकि पीछे ‘फलों में प्राकृतिक रूप से मौजूद चीनी शामिल हैं’ की जानकारी अस्पष्ट ढंग से दी गई थी।

FSSAI ने कहा कि लेबल पर दी गई जानकारियां और दावे संबंधित खाद्य सुरक्षा नियमों का कथित तौर पर उल्लंघन हैं। FSSAI ने बताया कि संबंधित उत्पाद का निरीक्षण किया गया, नमूने लिए गए और लेबल की जांच की गई। कंपनी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन उसके जवाब को संतोषजनक नहीं पाया। इसके बाद कंपनी के खिलाफ कार्रवाई को मंजूरी दे दी गई।

तीन अन्य कंपनियों पर भी कार्रवाई

FSSAI ने अलग-अलग सोशल मीडिया पोस्ट में तीन अन्य कंपनियों के उत्पादों के संबंध में भी नोटिस जारी करने की जानकारी दी। इनमें हेल्दीहे फूड्स एलएलपी, बेकलाइट फूड प्रोसेसिंग और बीएमएस लाइफसाइंस शामिल हैं। क्रैनबेरी अर्क से संबंधित भ्रामक दावे करने के मामले में हेल्दीहे फूड्स एलएलपी को नोटिस जारी किया गया हैं।

बेकलाइट फूड प्रोसेसिंग को उसके उत्पाद ‘पुनेरी क्रीम रोल’ के लेबल और विज्ञापन में भ्रामक दावे करने के मामले में भी नोटिस दिया गया हैं। वहीं बीएमएस लाइफसाइंस को उसके ‘एचएओजी क्रैनबेरी यूरिनरी ट्रैक्ट हेल्थ कैप्सूल’ से संबंधित भ्रामक दावे करने के मामले में नोटिस जारी किया हैं।

(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)