ऑफ-स्क्रिप्ट शपथ से प्रो-टेम स्पीकर की नियुक्ति तक... कैसा रहा तमिलनाडु के नए CM विजय का पहला दिन?
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने पदभार संभाला, जहां शपथ ग्रहण समारोह में उन्होंने आधिकारिक पाठ से हटकर बयान दिया, जिस पर राज्यपाल ने आपत्ति जताई।
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शपथ लेते ही एक्शन में विजय (फाइल फोटो)

समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय ने रविवार को आधिकारिक रूप से पदभार संभाल लिया। 2026 विधानसभा चुनाव में तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) की ऐतिहासिक जीत के बाद विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके कार्यकाल की शुरुआत राजनीतिक, प्रशासनिक और प्रतीकात्मक फैसलों के साथ हुई।
चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विजय ने आधिकारिक शपथ पाठ से कुछ समय के लिए अलग हटकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह कानून का पालन करेंगे, नफरत को खत्म करने के लिए काम करेंगे और सभी वर्गों के लोगों के लिए ईमानदारी से काम करेंगे। यह कहते हुए उन्होंने अपना दाहिना हाथ मुट्ठी बनाकर ऊपर उठाया, जिस पर समर्थकों ने जोरदार तालियां बजाईं।
हालांकि, राज्यपाल आरलेकर ने उन्हें केवल आधिकारिक शपथ पाठ तक सीमित रहने को कहा। इसके बाद विजय ने राज्यपाल से स्पष्टीकरण मांगा और फिर लिखित शपथ पत्र के अनुसार शपथ पूरी की।
तमिल गीत को लेकर विवाद
शपथ ग्रहण समारोह के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने कार्यक्रम के दौरान गीतों के क्रम को लेकर आपत्ति जताई। पार्टी के राज्य सचिव एम वीरापांडियन ने सवाल उठाया कि सरकारी कार्यक्रम में 'तमिल थाई वाझ्थु' को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के सरकारी कार्यक्रमों की शुरुआत हमेशा 'तमिल थाई वाझ्थु' से होनी चाहिए और अंत राष्ट्रगान से होना चाहिए। उन्होंने 'वंदे मातरम्' को तमिल वंदना गीत से पहले बजाए जाने पर भी आपत्ति जताई और कहा कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद विजय ने तमिलनाडु सचिवालय में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर अपनी पहली समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्य सचिव एम साईकुमार, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के मणिवासन, डीजीपी संदीप राय राठौर और कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहली बैठक में कई बड़े फैसले
बैठक के दौरान विजय ने 'धर्मनिरपेक्ष और पारदर्शी शासन के नए दौर' की बात कही। उन्होंने राज्य की वित्तीय स्थिति पर जल्द श्वेत पत्र लाने का एलान किया और आरोप लगाया कि पिछली सरकार 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज और खाली खजाना छोड़ गई है।
उन्होंने शिक्षा, आधारभूत ढांचे, पानी और महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही। इसके साथ ही 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने और नशे तथा महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए विशेष टास्क फोर्स बनाने की घोषणा की गई।
तमिलनाडु विधानसभा सचिवालय ने बताया कि 17वीं विधानसभा का पहला सत्र सोमवार 11 मई को सुबह 9.30 बजे शुरू होगा। इस दौरान नव-निर्वाचित विधायक शपथ लेंगे। विधानसभा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव 12 मई को कराया जाएगा।
प्रो-टेम स्पीकर की नियुक्ति
टीवीके विधायक एमवी करुप्पैया को तमिलनाडु विधानसभा का प्रो-टेम स्पीकर नियुक्त किया गया है। उन्हें राज्यपाल आरलेकर ने मुख्यमंत्री विजय की मौजूदगी में शपथ दिलाई। शोलवंदन सीट से चुने गए करुप्पैया नए विधायकों को शपथ दिलाएंगे।
विधानसभा सचिवालय ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालने से पहले तिरुचिरापल्ली पूर्व विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है और अब वह पेरंबूर सीट अपने पास रखेंगे।
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