कैप्टन स्मित मछार का पहला वीडियो आया सामने, स्ट्रेचर पर इलाज के लिए ले जाते दिखे फ्लाईदुबई के रियल 'हीरो'
भारतीय कैप्टन स्मित मछार को बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी रेफर किया गया है। उनका पहला वीडियो सामने आया ...और पढ़ें
HighLights
घायल कैप्टन स्मित मछार को बेहतर इलाज के लिए अबू धाबी भेजा गया
हमले के बाद स्ट्रेचर पर ले जाते हुए उनका पहला वीडियो आया
कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला किया
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई (फ्लाइट FZ1073) में कॉकपिट के भीतर हुई खूनी झड़प के बाद घायल भारतीय कैप्टन स्मित मछार को बेहतर इलाज के लिए गुरुवार को अबू धाबी रेफर कर दिया गया है। इस बीच मछार का पहला वीडियो सामने आया है।
तबुक में विमान के उतरने के बाद मछार को प्राथमिक उपचार दिए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फुटेज में मछार को स्ट्रेचर पर विमान से बाहर ले जाते हुए देखा जा सकता है, उनके शरीर पर कई घाव साफ दिखाई दे रहे हैं।
माता-पिता सऊदी अरब के लिए रवाना
फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। वहीं, स्मित के परिवार के अनुसार, उनके माता-पिता उनके उपचार और हालचाल के लिए सऊदी अरब रवाना हो चुके हैं। इस बीच, सऊदी अरब ने आरोपी सह-पायलट के खिलाफ प्राथमिक जांच शुरू कर दी है, जिसके बाद उसे आगे की कार्रवाई के लिए यूएई (UAE) को सौंपा जाएगा।
जिस बिल्डिंग में पले-बढ़े स्मित, वहीं आज हर आंख में गर्व और दुआ
मुंबई के तिलक नगर की उस सोसायटी में गुरुवार को माहौल भावुक था, जहां कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने बचपन और जिंदगी के कई साल बिताए हैं। सऊदी अरब के ताबुक में उपचार करा रहे स्मित के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना लेकर बड़ी संख्या में लोग उनके आवास के बाहर जुटे।
हाथों में तिरंगा और स्मित की तस्वीरें लिए लोगों ने उनके साहस को सलाम किया और उनके जल्द मुंबई लौटने की प्रार्थना की। पड़ोसियों और बचपन के दोस्तों के लिए वह दिन गर्व के साथ चिंता से भी भरा रहा।
गौरतलब है कि 30 सितंबर को फ्लायदुबई की उड़ान दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उड़ान के दौरान कॉकपिट में सह-पायलट ने कैप्टन स्मित पर चाकू से हमला कर दिया। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे आया।
घायल होने के बावजूद स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद चालक दल और यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू किया। विमान को सऊदी अरब के ताबुक में सुरक्षित उतारा गया। विमान में 174 लोग सवार थे।
पड़ोसी कर रहें बहादुरी की चर्चा
इस बीच मुंबई में स्मित मछार के पड़ोसियों और परिचितों के बीच उनकी बहादुरी की चर्चा होती रही। स्मित के पुराने पड़ोसी डॉ. जनित शाह ने उन्हें प्रतिभाशाली, शांत स्वभाव और अच्छा इंसान बताया। उन्होंने कहा कि वह परिवार को करीब 10-15 वर्षों से जानते हैं। बचपन के मित्र प्रतीक गांधी ने भी स्मित के संयमित स्वभाव को याद किया। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में काफी चिंता फैल गई थी।
फडणवीस ने बताया मुंबई का बेटा
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी स्मित के साहस और सूझबूझ की सराहना की। उन्होंने उन्हें मुंबई का बेटा बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी एक अक्टूबर को स्मित के परिवार से फोन पर बात की और उनके साहस की सराहना की।
तिलक नगर में जुटे लोगों के चेहरों पर चिंता के साथ गर्व साफ दिखाई दे रहा था। किसी ने तिरंगा थाम रखा था तो किसी के हाथ में स्मित की तस्वीर थी। पड़ोसी और परिचित एक ही बात कह रहे थे- जिस शहर में स्मित ने उड़ान भरने का सपना देखा और जिंदगी का बड़ा हिस्सा बिताया, वही मुंबई आज उनके स्वस्थ होकर लौटने की दुआ कर रही है।
