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'हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाए, लेकिन पुलिस ने दीपके को नहीं छोड़ा'; दादी के अंतिम संस्कार में शामिल न हो पाने पर परिवार का आरोप

Published: Sun, 11 Oct 2026 12:55 PM (IST)

सीजेपी संयोजक अभिजीत दीपके के परिवार ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया है कि गुहार के बावजूद उन्हें समय पर ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, मुंबई। कॉकरोच जनता पार्टी के संयोजक अभिजीत दीपके के परिवार ने रविवार को आरोप लगाया कि बार-बार गुहार लगाने के बावजूद दिल्ली पुलिस ने उन्हें समय पर रिहा नहीं किया, जिसके चलते वह अपनी दादी के अंतिम संस्कार में शामिल हो सके।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिया था। तीनों नेताओं को रविवार को कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। इसके बाद उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया कि वे आगामी एक वर्ष तक शांति भंग नहीं करेंगे।

दादी के निधन पर परिवार की मिन्नतें हुईं अनसुनी

सीजेपी संस्थापक की 85 वर्षीय दादी सावित्रीबाई शंकरराव दीपके का लंबी बीमारी के बाद शनिवार को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में निधन हो गया था। उनका अंतिम संस्कार रविवार सुबह संपन्न हुआ।

अंतिम संस्कार से पहले एक परिजन ने संवाददाताओं से कहा कि दादी के निधन की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस से अभिजीत को तुरंत छोड़ने की कई बार अपील की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रिहा नहीं किया।

अभिजीत के चाचा विलास दीपके ने कहा कि मैंने हाथ जोड़कर दिल्ली पुलिस से कम से कम 10 बार विनती की कि अभिजीत को छोड़ दिया जाए क्योंकि हम उनका इंतजार कर रहे थे। उन्हें आज छोड़ा तो गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अंतिम संस्कार संपन्न हो गया था। उन्होंने बताया कि अभिजीत अब केवल अपनी दादी की अस्थियां संचित करने के लिए ही पहुंच सकेंगे।

दिल्ली पुलिस ने क्या कहा?

दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया था कि अभिजीत को उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय की जानकारी तुरंत दे दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने अभिजीत को उनके गृह नगर भेजने के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने की पेशकश भी की थी। हालांकि, परिवार ने पुलिस के इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

सीजेपी ने रविवार को जंतर-मंतर पर अपने विरोध प्रदर्शन का आह्वान फिर से दोहराया है। इसे देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और लगभग 30,000 पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है।

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