विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

'चंद्र मिशन की सफलता ने विदेशियों की धारणा बदल कर रख दी', Delhi University में जयशंकर ने बताई भारत की ताकत

Published: Mon, 29 Apr 2024 04:20 PM (IST)

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान ...और पढ़ें

पूर्वोत्तर के विकास का स्तर धीमा हो गया- जयशंकर (फोटो, एक्स)
पूर्वोत्तर के विकास का स्तर धीमा हो गया- जयशंकर (फोटो, एक्स)

HighLights

  1. पूर्वोत्तर के विकास का स्तर धीमा हो गया- जयशंकर
  2. पूर्वोत्तर का विकास बहुत पहले हो जाना चाहिए था
  3. चंद्रयान-3 से भारतीय विदेशियों की घारणा बदल गई

पीटीआई, नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज में 'दक्षिण पूर्व एशिया और जापान के साथ पूर्वोत्तर भारत का एकीकरण: आर्थिक संबंधों और पारिस्थितिक संरक्षण को संतुलित करना' विषय पर एक कार्यक्रम को संबोधित किया।

कार्यक्रम में विदेश मंत्री ने कहा कि भारत के विभाजन से पूर्वोत्तर राज्य की नेचुरल कनेक्टिविटी से टूट गए। इसके साथ ही राजनीतिक बाधाओं के साथ-साथ प्रशासनिक मुद्दों की वजह से इस क्षेत्र के विकास पर असर पड़ा।

पूर्वोत्तर के विकास का स्तर धीमा हो गया- जयशंकर

जयशंकर ने विश्वविद्यालय के छात्रों से बात करते हुए कहा, "भारत के विभाजन ने कई मायनों में उस प्राकृतिक संपर्क को तोड़ दिया जो पूर्वोत्तर के पास था या अभी होता। इसकी वजह से पूर्वोत्तर को जो विकास का स्तर देखना चाहिए था वह धीमा हो गया। इसके बाद पहले कुछ दशकों में विभाजन के बाद राजनीतिक बाधाओं और प्रशासनिक मुद्दों की वजह से पूर्वोत्तर को वह फायदा नहीं मिला जो देश के अन्य हिस्सों को मिला।"

केंद्रीय मंत्री ने इसके साथ ही कहा कि पूर्वोत्तर में मौजूदा आर्थिक स्थिरता मजबूत स्थिति की तरफ बढ़ रही है।

पूर्वोत्तर का विकास बहुत पहले हो जाना चाहिए था

उन्होंने कहा, "हम अभी जो विकास देख रहे हैं, ईमानदारी से कहूं तो यह बहुत पहले ही आ जाना चाहिए था। जैसा कि मैं हमेशा कहता हूं भारत सरकार को पहले की पूर्व दिशा की ओर देखना चाहिए और फिर उत्तर-पूर्वी राज्यों को देखना चाहिए। तभी पूर्वोत्तर की क्षमता और संभावनाओं की पूरी सराहना की जाएगी।"

चंद्रयान-3 से भारतीय विदेशियों की घारणा बदल गई

इसके अलावा उन्होंने कहा कि भारत ने जिस तरह से कोविड-19 महामारी को संभाला, उसे देखने के बाद विदेश में रहने वाले लोगों की धारणा बदल गई है। भारत के चंद्र मिशन 'चंद्रयान-3' का विदेशों में रहने वाले भारतीयों पर व्यापक प्रभाव पड़ा है।

ये भी पढ़ें: NCERT ने अपनी किताब में मणिपुर के पारंपरिक खेल को मिजोरम का बताया, BJP विधायक ने जताई आपत्ति