चेन्नई। जीएसएलवी मार्क-3 के प्रायोगिक मिशन का पैसिव क्रायोजेनिक स्टेज के साथ जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त में प्रक्षेपण किए जाने की संभावना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन [इसरो] के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी।

जीएसएलवी के परियोजना निदेशक के. शिवन ने बताया कि मार्क-3 के प्रायोगिक मिशन का प्रक्षेपण जुलाई के अंतिम या अगस्त के पहले सप्ताह में किया जाएगा। मार्क-3 चार टन का भार [पेलोड] वहन करने में सक्षम है। क्रायोजेनिक इंजन के विकास की दिशा में चल रहे काम को संतोषजनक बताते हुए शिवन ने कहा कि प्रायोगिक मिशन में ठोस और तरल ईधन दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इस मिशन का प्रक्षेपण अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजने के लिए विकसित किए जा रहे मॉड्यूल में भी सहायक होने की उम्मीद है। इस मॉड्यूल का परीक्षण तरल ईधन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुरू किया जाएगा। इसके जरिये अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित उतारा जाता है।

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