'SIR पर फैसला बदल कर भी बच नहीं पाएंगे', CEC ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का तीखा हमला
कांग्रेस ने चुनाव आयोग के विवादित एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला है।
-1792326452760_m.webp)
कांग्रेस ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर वोट चोरी का आरोप लगाया

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। कांग्रेस ने चुनाव आयोग के विवादित एसआईआर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों में किसी तरह की रियायत नहीं देने का संदेश देते हुए साफ कहा है वोट चोरी के विरोध में जनता के सड़कों पर उतरने का ही नतीजा है कि चुनाव आयोग अपने फैसले पलटने लगा है, इसके बावजूद ज्ञानेश कुमार बच नहीं पाएंगे।
राजनीतिक दलों को मशीन से पढ़ने युक्त मतदाता सूची उपलब्ध कराने की चुनाव आयोग की ताजा घोषणा के बाद कांग्रेस ने सीईसी पर यह तीखा वार किया।
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी दो साल से मशीन से पढ़ने युक्त वोटर लिस्ट देने की मांग का हवाला देते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि वोट चोरी के लिए ज्ञानेश कुमार इस मांग को स्वीकार नहीं कर रहे थे।
कांग्रेस ने सीईसी पर वोट चोरी का आरोप लगाया
एसआईआर पर कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दलों की सियासी लड़ाई में नरमी नहीं आने का संदेश देते हुए जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पर जारी बयान में कहा कि पिछले दो वर्षों से राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पुरजोर तरीके से चुनाव आयोग से सभी राजनीतिक दलों को मतदाता सूची ऐसे डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराने की मांग कर रही थी। ताकि मतदाताओं के नाम और अन्य जानकारी आसानी से सर्च की जा सके। लेकिन चुनाव आयोग ने बार-बार इस मांग को ठुकराया।
दरअसल 2018 में जब कांग्रेस ने मध्यप्रदेश में लाखों फर्जी मतदाताओं का पता लगागर इसे उजागर किया तभी से डिजिटल फॉर्मेट में मतदाता सूची उपलब्ध कराना बंद कर दिया गया।
जयराम ने आरोप लगाया कि वोट चोरी को अंजाम देने के लिए इस मांग को आठ साल तक ठुकराया गया। 15 अक्टूबर का चुनाव आयोग का राजनीतिक दलों को मतदाता सूची डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध कराने का आदेश इसलिए हुआ है क्योंकि पूरा देश वोट चोरों के खिलाफ सड़कों पर उतर आया है।
ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रोकने की मांग
आयोग के साथ केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए जयराम ने आरोप लगाया कि हर बार जब वोट चोरी पकड़ी जाती है, मोदी सरकार कोई नया हथकंडा अपना लेती है। कभी मशीन से पढ़ी जा सकने वाली मतदाता सूची देना बंद, कभी फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़ना, तो कभी एसआइआर लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने वाला।
उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के निर्देशों पर काम करते हुए चुनाव आयोग ने जनता के भरोसे और विश्वास को पूरी तरह खो दिया है और ज्ञानेश कुमार को अब कोई नहीं बचा सकता, उन्हें हर हाल में पद छोड़ना होगा।
उनके मुताबि ज्ञानेश कुमार को हटाना ही काफी नहीं होगा बल्कि चुनाव आयोग और उसके आइटी सिस्टम को भी पूरी तरह बदलना पड़ेगा। एसआइआर प्रक्रिया तत्काल रोकनी होगी जिसने 13 करोड़ से अधिक भारतीयों के वोट के संवैधानिक अधिकार को खतरे में डाल दिया है।
