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नेपाल‌ जैसी आपदा से बचा सकती है GIS मैपिंग: भूस्खलन, बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी में मिलेगी मदद

Published: Thu, 03 Sep 2026 07:52 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 03 Sep 2026 08:27 PM (GMT+05:30)

एसरी इंडिया ने स्वदेशी जीआइएस साफ्टवेयर जिओसरल लॉन्च किया है जो भारत में इस तरह की घटना की स्थिति में ...और पढ़ें

(यह इमेज AI से बनाई गई है)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। हाल ही में नेपाल में आई विनाशकारी आपदा के बाद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत के हिमालयी क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है।

लेकिन स्वदेशी भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित सॉफ्टवेयर जिओसरल के इस्तेमाल से ऐसी आपदाओं के लिए न सिर्फ समय रहते सचेत किया जा सकता है , बल्कि आने पर राहत कार्यों को भी अधिक प्रभावी ढंग से अंजाम दिया जा सकता है।

एसरी इंडिया ने किया जीआईएस साफ्टवेयर लॉन्च 

एसरी इंडिया ने गुरुवार को यह लिनक्स आधारित डेस्कटॉप जीआईएस साफ्टवेयर लॉन्च किया। इसे भारत में जीआईएस साफ्टवेयर, लोकेशन इंटेलिजेंस और मैपिंग सोल्यूशंस देने वाली प्रमुख कंपनी एसरी इंडिया बनाया है।

इसे पहली बार भारत में लॉन्च किया जा रहा है। जल्द ही जिओसरल को एंड्रायड आधारित फोन के लिए भी लॉन्च किया जाएगा।

कैसे होगी आपदा से पहले की निगरानी?

एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेन्द्र कुमार ने कहा, 'ग्राहकों की जरूरतों के साथ नई प्रौद्योगिकी को पेश करने पर हमारा फोकस रहता है। जिओसरल की लांचिंग प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इसके जरिए हम दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों की करीबी निगरानी कर सकते हैं और वहां हो रहे बदलावों को देख सकते हैं। आपदा की स्थिति में फंसे लोगों को निकालने, राहत पहुंचाने और खुले रास्तों की सटीक जानकारी मिल सकती है।'

आपदा से पहले मिलेगा अलर्ट

उन्होंने बताया कि जिओसरल हिमालय जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं की निगरानी में सहायक होगा। इससे संभावित नुकसान कम करने और राहत कार्यों को तेज करने में मदद मिलेगी, ताकि नेपाल जैसी घटना भारत में दोहराई न जाए या नुकसान न्यूनतम रहे।

स्थानीय जरूरतों पर विशेष ध्यान देते हुए विकसित यह साफ्टवेयर उन संगठनों और सरकारी विभागों के लिए है, जिन्हें मैपिंग, विजुअलाइजेशन, जांच और संपादन जैसे कामों के लिए हल्के डेस्कटॉप जीआइएस की जरूरत होती है।

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