Move to Jagran APP

राजनीतिक दलों के चुनावी खर्चों को लेकर चुनाव आयोग ने किया सुप्रीम कोर्ट में ये दावा

Election Cossion to Supreme Court चुनाव आयोग ने चुनावों के दौरान अधिक धन बल को रोकने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दिया है। कोर्ट ने कगा कि धल बल को रोकने के लिए समय-समय पर कदम उठाए जाएंगे।

By AgencyEdited By: Manish NegiPublished: Thu, 12 Jan 2023 04:05 PM (IST)Updated: Thu, 12 Jan 2023 04:05 PM (IST)
राजनीतिक दलों के चुनावी खर्चों को लेकर चुनाव आयोग ने किया सुप्रीम कोर्ट में ये दावा
चुनावों में धन बल को रोकने के लिए उठाए कई कदम, सुप्रीम कोर्ट में बोला ECI

नई दिल्ली, एजेंसी। चुनाव के दौरान खर्चों को लेकर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अहम दावा किया है। आयोग ने कहा कि उसने चुनावों के दौरान धल बन को रोकने के लिए समय-समय पर विभिन्न उपाय किए हैं। आयोग ने कहा कि एक ये भी कारण है कि हमारी सतर्कता और प्रयासों में वृद्धि के चलते धन को जब्त किया जाता है।

loksabha election banner

याचिका में अत्याधिक चुनावी खर्चे को रोकने की मांग

बता दें कि प्रभाकर देशपांडे नाम के शख्स ने एक याचिका दायर की है। याचिका में राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों द्वारा अत्यधिक चुनावी खर्च को रोकने और दोषी उम्मीदवारों और पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक व्यापक योजना के साथ आने का निर्देश देने की मांग की गई है। वहीं, चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में कहा कि ऐसा तंत्र पहले से ही मौजूद है। ये तंत्र अवैध चुनावी खर्च को रोकने में कामयाब भी रहा है।

धन बल को रोकने के लिए उठाए कदम

चुनाव आयोग के निदेशक (कानून) वीके पांडे ने हलफनामे में कहा, "चुनावों में धन बल को रोकने के लिए आयोग समय-समय पर विभिन्न उपायों को अपनाता रहता है। भविष्य में भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे।" चुनाव निकाय ने इस बात पर जोर दिया कि वह चुनावों में धन बल के बढ़ते उपयोग को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। आयोग ने बताया कि 2010 में बिहार में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से चुनाव व्यय निगरानी तंत्र को प्रभावी ढंग और सफलतापूर्वक लागू किया है।

ये भी पढ़ें:

वर्ल्ड बैंक रिपोर्टः भारत की नीतियों से अर्थव्यवस्था को रिकवरी में मदद मिलेगी, निवेश भी बढ़ेगा

Fact Check: सोशल मीडिया पर सात साल से वायरल है इस रिक्‍शा चालक की तस्‍वीर


Jagran.com अब whatsapp चैनल पर भी उपलब्ध है। आज ही फॉलो करें और पाएं महत्वपूर्ण खबरेंWhatsApp चैनल से जुड़ें
This website uses cookies or similar technologies to enhance your browsing experience and provide personalized recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.