चिली के रेगिस्तान में खिले फूल, टोक्यो में टूटा बारिश का रिकॉर्ड; दुनियाभर में दिख रहा अल नीनो का असर
पूरी दुनिया इस समय प्राकृतिक जलवायु घटना अल नीनो के गंभीर असर का सामना कर रही है, जिससे असामान्य मौसमी बदलाव दिख रहे हैं।


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूरी दुनिया इस समय प्राकृतिक जलवायु घटना अल नीनो के गंभीर असर का सामना कर रही है। यह मौसम चक्र दुनिया भर के मौसम को बड़े पैमाने पर प्रभावित करता है। स्पेनिश भाषा में अल नीनो का अर्थ छोटा लड़का होता है।
1600 के दशक में दक्षिण अमेरिका के मछुआरों ने सबसे पहले यह शब्द इस्तेमाल किया था, जब उन्होंने देखा कि समुद्र का पानी गर्म होने से मछलियों पर असर पड़ता है और भारी बारिश व तूफान आते हैं।
आमतौर पर इसका असर क्रिसमस के आसपास दिखता था, लेकिन पिछले कुछ दशकों में इसकी अवधि बढ़ गई है। इस साल यह दिसंबर में अपने अनुमानित चरम पर पहुंचने से पहले ही और तेज हो रहा है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन के अनुसार, अल नीनो के कारण दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में असामान्य मौसमी बदलाव देखे जा रहे हैं। एक तरफ जहां चिली का अटाकामा रेगिस्तान फूलों से खिल उठा, वहीं जापान की राजधानी तोक्यो में लगातार 35 दिनों तक बारिश हुई, जो 1886 के बाद सबसे लंबा दौर है।
तोक्यो में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित
एक तरफ रेगिस्तान में यह अनोखा नजारा देखने को मिला, वहीं दूसरी तरफ जापान की राजधानी तोक्यो लगातार हो रही बारिश से परेशान हो गई। शहर में एक महीने से अधिक समय तक लगातार बारिश हुई, जिससे सब्जियों के दाम तेजी से बढ़े और पर्यटन पर बुरा असर पड़ा।
'मैनीची शिंबुन' के अनुसार, मध्य तोक्यो में सितंबर के महीने में सामान्य से लगभग तीन गुना अधिक बारिश दर्ज की गई। इस दौरान केवल 45.8 घंटे ही धूप खिली, जो अब तक का दूसरा सबसे कम रिकॉर्ड है।
14 दिन ऐसे रहे जब सूरज बिल्कुल नहीं दिखाई दिया। तोक्यो में लगातार 35 दिनों की यह बारिश अब तक का सबसे लंबा दौर बन गई है; इससे पहले 27 जून से 29 जुलाई 2019 के बीच 33 दिनों तक बारिश का रिकॉर्ड था।

चिली के अटाकामा रेगिस्तान में खिले फूल
अल नीनो के प्रभाव से हुई भारी बारिश के कारण सितंबर में अटाकामा रेगिस्तान में लगभग 200 अलग-अलग प्रजातियों के लाखों फूल खिल उठे। पर्यटकों द्वारा शेयर की गई तस्वीरों में दुनिया के सबसे सूखे गैर-ध्रुवीय रेगिस्तान में दूर-दूर तक बैंगनी फूलों की चादर बिछी नजर आई।
प्रशांत महासागर और एंडीज पर्वतों के बीच स्थित अटाकामा रेगिस्तान उत्तरी चिली के तट पर करीब 1,600 किलोमीटर तक फैला हुआ है। जुलाई और अगस्त के बीच चिली के कई इलाकों में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई, जो 1950 के दशक में रिकॉर्ड रखने की शुरुआत के बाद कभी नहीं देखी गई थी।
चिली की वन संस्था CONAF के जैव विविधता प्रमुख सीजर पिजारो के अनुसार, कुछ इलाकों में 180 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो पहले कभी नहीं देखी गई थी।
WMO ने क्या दी चेतावनी?
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी दी है कि इस साल अक्टूबर से दिसंबर के बीच दुनिया भर में समुद्र की सतह का तापमान रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है।
संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी ने यह भी कहा कि यह 1950 के बाद से सबसे मजबूत अल नीनो घटनाओं में से एक है और इसका प्रभाव फरवरी 2027 तक जारी रहने की संभावना है।
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