₹22000000000 के कर्ज का निपटारा 6.5 करोड़ में... दिवालिया कानून की आड़ में बड़े लोन माफी पर ईडी सख्त
ईडी दिवालिया कानून (IBC) के तहत बड़े कर्ज निपटान (हेयरकट) मामलों में आपराधिक साजिश और प्रमोटरों को लाभ पहुंचाने पर सख्त कार्रवाई करेगा।
-1789488637503_m.webp)
(यह इमेज AI से बनी गई है)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
नीलू रंजन, नई दिल्ली। दिवालिया कानून (इंसोल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड-आइबीसी) के तहत कर्ज देनदारी में बड़ी कटौती (हेयरकट्स) के मामले ईडी के निशाने पर है।
ऐसे मामलों में आपराधिक साजिश के तहत प्रमोटरों को लाभ पहुंचाने और दिवालिया कंपनी को फिर से अपने स्वामित्व में लेने के मामलों में मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
बेंगलुरू में हो रहे ईडी के क्षेत्रीय अधिकारियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए ईडी निदेशक राहुल नवीन ने साफ किया कि बड़े हेयरकट में आपराधिक साजिश का पता लगाकर पीएमएलए के तहत कार्रवाई करने को कोर आपरेशन थ्रस्ट एरिया बताया।
22 हजार करोड़ का कर्ज 6.5 करोड़ रुपये में निपटारा
एसेल ग्रुप के मालिक सुभाष चंद्रा के ऊपर 22 हजार करोड़ रुपये की देनदारी को 6.5 करोड़ रुपये में निपटाने के बाद पहली बार हो रहे ईडी के क्षेत्रीय अधिकारियों के सम्मेलन में एक पूरे सत्र में आईबीसी के तहत एनसीएलटी में कर्ज की देनदारी निपटाने के मामलों में हो रही आपराधिक साजिश और उससे निपटने के लिए जरूरी कदमों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसमें बताया गया कि कैसे आइबीसी में संबंधित पार्टी के क्लेम को अत्यधिक बढ़ाने, क्रेडिटर्स की समिति में गड़बड़ी, संपत्तियों की कीमत को कम दिखाने और कृत्रिम तरीके से बड़े हेयरकट के माध्यम से प्रमोटर्स को लाभ पहुंचाया जाता है। जिसकी मदद से प्रमोटर्स बहुत कम देनदारी के बाद संपत्तियों को दोबारा हासिल कर लेता है।
सम्मेलन के दौरान सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को आइबीसी के तहत बड़े हेयरकट के मामलों को चिह्नित करने और ऐसे मामलों में सभी दस्तावेजों की जांच करने की जरूरत बताई गई।
क्या कहता है दिवालिया कानून?
ऐसे मामलो में दिवालिया कानून के तहत हुई कार्रवाई में शामिल सभी आयामों की विस्तृत पड़ताल के बाद आइबीसी ट्रिब्युनल में इंटरवेंशन एप्लीकेशन फाइल करने पर एक राय बनी। इसके अलावा बताया गया कि ऐसे मामलों में मास्टरमाइंड के खिलाफ पीएमएलए के तहत ईडी को स्वतंत्र कार्रवाई भी सुनिश्चित करना होगा।
सम्मेलन के दौरान ईडी निदेशक ने सरकार द्वारा एजेंसी के स्वीकृत पदों में दोगुना बढ़ोतरी का हवाला देते हुए कहा कि देश भर में अब काम करने वाले ईडी की यूनिट की संख्या 131 से बढ़कर 241 हो जाएगी।
ये सभी यूनिट अगले साल एक जनवरी से काम करने लग जाएंगे। सरकार ने ईडी के मौजूदा 2029 पदों को बढ़ाकर 3256 कर दिया है। इसके साथ ही ईडी ने 31 मार्च 2029 तक सभी 39 बड़े शहरों में अपना कार्यालय भवन बनाने का भी लक्ष्य रखा है।
