थलापति विजय को समर्थन पर DMK ने छोड़ा 'हाथ' का साथ, कहा- संसद में अलग बैठेंगे हमारे सांसद
द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर सदन में अपनी पार्टी के सदस्यों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है।
-1778235524729_m.webp)
थलापाती विजय, कनिमोझी करुणानिधि, राहुल गांधी

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) की सांसद कनिमोझी करुणानिधि ने लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर सदन में अपनी पार्टी DMK के सदस्यों की बैठने की व्यवस्था बदलने का अनुरोध किया है।
पत्र में कनिमोझी ने साफ किया कि मौजूदा बदली हुई राजनीतिक परिस्थितियों और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ DMK के गठबंधन के खत्म होने के बाद अब उनके सदस्यों का कांग्रेस सांसदों के साथ एक साथ बैठना ठीक नहीं है।
उन्होंने स्पीकर से आग्रह किया है कि DMK संसदीय दल के लिए अलग से बैठने की व्यवस्था की जाए, ताकि पार्टी के सांसद लोकसभा में अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर और प्रभावी ढंग से निभा सकें।
कनिमोझी ने स्पीकर को लिख लेटर
कनिमोझी ने उम्मीद जताई कि स्पीकर का कार्यालय उनके इस अनुरोध पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कदम उठाएगा। यह मांग ऐसे समय में आई है जब तमिलनाडु की राजनीति में गठबंधनों की दिशा में बदलाव हुआ है। DMK लंबे समय से कांग्रेस के साथ गठबंधन में रही है, लेकिन हालिया घटनाक्रमों के बाद दोनों पार्टियों के रिश्तों में दूरी बढ़ी है।
बदली गठबंधन की हवा
सूत्रों के अनुसार, स्पीकर कार्यालय इस पत्र पर विचार कर रहा है। लोकसभा में सीटिंग अरेंजमेंट में बदलाव संसदीय परंपराओं के अनुसार किया जाता है, जिसके लिए स्पीकर का फैसला अंतिम माना जाता है।

क्या है मामला?
दरअसल तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में DMK को शिकस्त देते हुए थलापाती की नई नवेली पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम ने सबसे ज्यादा 107 सीट हासिल की। जिसके बाद कांग्रेस ने DMK से दूरी बनाते हुए TVK को समर्थन दे दिया, जिसके बाद से दोनों पार्टियों के रिश्तों में खटास आ गई।

यह भी पढ़ें- 'जनता ने चुना है तो विजय को ही सरकार चलानी चाहिए', BJP नेता खुशबू सुंदर का पोस्ट वायरल
यह भी पढ़ें- तमिलनाडु में 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स': विजय को राज्यपाल की NO, अब सामने बचा ये ऑप्शन
यह भी पढ़ें- ₹100 करोड़ की FD, विजय थलापति ने SIP के दौर में क्यों लगाया बैंक एफडी में दांव; फ्री में कितनी हो रही कमाई
