श्रीनगर(जेएनएन)। मानवाधिकारों के झंडाबरदार कश्मीर घाटी में अक्सर सुरक्षाबलों पर ताकत के बेतहाशा प्रयोग और मानवाधिकारों के हनन के आरोप लगते हैं। लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट है। सुरक्षाकर्मी ही अपने मान-सम्मान, जान को खतरे में डाल संयम बरतते हैं। इस हकीकत का खुलासा सुरक्षाबलों ने नहीं किया, इस कड़वे सच से पर्दा अलगाववादियों की समर्थक हिंसक भीड़ ने अपनी उपलब्धियों का बखान करने के लिए सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो अपलोड कर उठाया।
 

ये है पत्थरबाजों का सच

फेसबुक, इंटरनेट और व्हाटसअप पर बीते तीन दिनों से कुछ वीडियो लगातार वायरल हो रहे हैं। यह सभी वीडियो गत रविवार श्रीनगर संसदीय सीट के उपचुनाव के दौरान हुई हिंसा का है। इस हिंसा में आठ लोग मारे गए थे जबकि 200 के करीब लोग जख्मी हुए थे। घायलों में 100 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी ही हैं।

ये है सुरक्षाबलों का धैर्य

एक वीडियो में हिंसक भीड़ दो सुरक्षाकर्मियों को बुरी तरह पीटती हुई नजर आती है। सुरक्षाकर्मी भीड़ का प्रतिरोध नहीं कर रहे हैं,बल्कि निरीह प्राणियों की तरह मार खा रहे हैं। एक अन्य वीडियो में कुछ लडक़े एक सीआरपीएफ जवान को लातों से पीट रहे हैं और जवान है कि मार खा रहा है।

एक और वीडियो है जिसमें डयूटी से लौट रहे जवानों के लडक़ों की भीड़ चल रही है। लडक़े बार-बार जवानों को उकसाते हुए कह रहे हैं कि गो इंडिया गो, जालिमों कश्मीर हमारा छोड़ दो। कुछ लडक़े जवानों की हेल्मेट उतार रहे हैं तो कुछ लडक़ों ने उनकी शील्ड तक छीन ली। एक लडक़े ने एक जवान का स्लीपिंग बैग भी नीचे गिरा दिया। भीड़ में शामिल एक लडक़ा उत्तेजित हो जवानों को गाली देते हुए मारपीट करने लगता है,लेकिन उसका दूसरा साथी उसे रोक लेता है।

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इसी वीडियो में एक जगह दिखाया गया है कि एक लडक़ा सुरक्षाकर्मी के हाथ पर जोर से किक मारता है और सुरक्षाकर्मी के हाथ में लटकी हेल्मेट दूर एक दुकान के शटर के पास जा गिरती है। लेकिन जवान हर जगह संयम बनाए रखते हैं। वह अपने जख्मों को सहलाते हुए चुपचाप चलते रहते हैं।

सीआरपीएफ के प्रवक्ता भवेश चौधरी ने कहा कि हम क्या कहें, यह वीडियो यहां के हालात की सच्चाई बताता है। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं ,यह उन लोगों को पता चल गया होगा जो हम पर अकारण बल प्रयोग करने का आरोप लगाते हैं। आपको कोई एक थप्पड़ मारे तो आप उसी समय दो थप्पड़ सामने वाले को जवाब में रसीद करेंगे। लेकिन हमारे जवान ऐसे नहीं हैं। हमारे जवान पूरा संयम बरतते हैं।


उन्होंने कहा कि आज कोई मानवाधिकारवादी हमारे जवानों के बारे में नहीं बोल रहा है। अगर हमारे जवान गोली चलाने के शौकीन होते,जैसे उन्हें ट्रिगर हैपी यहां कई लोग बोलते हैं तो स्थिति का अंदाजा आप लगा सकते हैं। हमारे जवान जानते हैं कि वह यहां आम लोगों की सुरक्षा के लिए हैं। इसलिए वह संयम बरतते हैं।

डीआईजी पुलिस सेंट्रल कश्मीर रेंज ने कहा कि यह जो वीडियो वायरल हुए हैं, यह रविवार को मतदान के दिन के हैं। इन सभी वीडियो का संज्ञान लेते हुए मामले की छानबीन की जा रही है। कुछ शरारती तत्वों को चिन्हित भी किया गया है। हिंसा में लिप्त और जवानों को उकसान के लिए उनके साथ र्दुव्यवहार करने वाले तत्वों की भी निशानदेही कर उन्हें पकडऩे की कार्रवाई की जा रही है।

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Posted By: Suchi Sinha

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