'भस्मासुर है कांग्रेस', राहुल गांधी के पार्टी तोड़ने वाले आरोप पर किरेन रिजिजू का पलटवार
केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बीजेपी पर पार्टी तोड़ने के आरोप का खंडन करते हुए कांग्रेस को 'भस्मासुर' बताया।
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किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को 'भस्मासुर' कहकर राहुल गांधी पर पलटवार किया

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस के उन आरोप पर पलटवार किया है जिसमें कहा गया था कि बीजेपी दूसरी पार्टियों को तोड़ती है। रिजिजू ने शुक्रवार को कहा कि यह आरोप असल में कांग्रेस पर ही लगना चाहिए।
रिजिजू ने कहा, 'राहुल गांधी और कांग्रेस को जो बातें अपने बारे में कहनी चाहिए, वे बीजेपी के बारे में कह रहे हैं। कांग्रेस पार्टी खुद 'भस्मासुर' है जो अपने संपर्क में आने वाली हर पार्टी को जलाकर राख कर देती है।
TMC, कांग्रेस पार्टी से ही निकली थी। NCP भी कांग्रेस पार्टी से ही निकली थी। कांग्रेस हम पर आरोप लगा रही है, लेकिन वे खुद भी दूसरी पार्टी से अलग होकर बने थे। इसलिए, असल में कांग्रेस ही दूसरी पार्टियों को तोड़ती और खत्म करती है।'
हम कांग्रेस की तरह गंदी राजनीति नहीं करते: रिजिजू
रिजिजू ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी का विकास किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी को तोड़ने से नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, 'पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन ऐसा किसी दूसरी पार्टी को तोड़कर नहीं हुआ।
हम कांग्रेस की तरह गंदी राजनीति नहीं करते।' यह बयान चुनाव आयोग के शुक्रवार को ममता बनर्जी के गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' का चुनाव चिह्न आवंटित किया करने के बाद आया।
अरूप रॉय को मिला 'लिफाफा'
अरूप रॉय के गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिह्न दिया गया। ECI ने यह आदेश संविधान के अनुच्छेद 324 और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत, दोनों गुटों के बीच विवाद मामले नंबर 01/2026 में जारी किया।
विवाद पर अंतिम फैसला होने तक, न तो अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) के गुट को और न ही ममता बनर्जी (प्रतिवादी) के गुट को असली पार्टी का नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' या आरक्षित 'फूल और घास' चुनाव चिह्न इस्तेमाल करने की इजाजत दी गई है।
राहुल ने साधा था बीजेपी पर निशाना
राहुल गांधी ने इस कदम की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि BJP और चुनाव आयोग मिलकर राजनीतिक पार्टियों को तोड़ने और उनके चुनाव चिह्न छीनने का काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेता ने कहा, 'पहले शिवसेना, फिर NCP और अब तृणमूल कांग्रेस।
हर बार एक ही पैटर्न—BJP और चुनाव आयोग मिलकर पार्टी को तोड़ते हैं। फिर उसका चुनाव चिह्न छीन लिया जाता है।'उन्होंने आगे कहा, 'जब पूरी पार्टी ही चोरी की जा सकती है, तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि लाखों भारतीयों के वोट भी चोरी किए जा सकते हैं।'
ECI के फैसले से ममता गुट नाखुश
ECI के आदेश के बाद, ममता बनर्जी ने इस कदम को असंवैधानिक बताया और आरोप लगाया कि यह राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है। पार्टी के असली नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिह्न पर रोक लगने पर प्रतिक्रिया देते हुए बनर्जी ने कहा, 'हम संवैधानिक पद का अनादर नहीं करते, लेकिन हमें लगता है कि आज हमारे लोकतांत्रिक इतिहास का काला दिन है।
हमारे देश में जो हो रहा है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण, असंवैधानिक, गैर-कानूनी, अलोकतांत्रिक और किसी राजनीतिक पार्टी के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए बदले की भावना से किया गया पूरी तरह से पक्षपाती कदम है।'
नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देंगी ममता
बनर्जी ने यह भी एलान किया कि उनका TMC गुट नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के व्यापक हित में लिया गया है। इस घोषणा के बाद, नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले इस सीट पर गुट का कोई उम्मीदवार नहीं बचा।
कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है, जबकि CPI ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है। BJP की हसीरानी रथ भी उपचुनाव लड़ रही हैं। सुवेंदु अधिकारी के इस निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ने और भवानीपुर को बनाए रखने का फैसला करने के बाद नंदीग्राम सीट खाली हो गई थी; भवानीपुर में उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी को हराया था।
