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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गडकरी को छोड़ ज्यादातर नेता उबर पर रोक से सहमत

By vivek pandeyEdited By:
Published: Tue, 09 Dec 2014 11:01 AM (IST)Updated: Wed, 10 Dec 2014 08:02 AM (IST)

दिल्ली में रोक के बाद देश भर में उबर की गैर पंजीकृत टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने की गृह मंत्रालय ...और पढ़ें

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में रोक के बाद देश भर में उबर की गैर पंजीकृत टैक्सी सेवाओं पर रोक लगाने की गृह मंत्रालय की सलाह पर भले ही सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने असहमति जताई हो। परंतु सरकार व विपक्ष के ज्यादातर नेताओं ने इसको सही ठहराया है। गडकरी ने रोक को गैर जरूरी बताते हुए कहा कि इससे समस्या का समाधान होने वाला नहीं है। "इलेक्ट्रॉनिक्स के उपयोग के कारण परिवहन प्रणालियों में नई-नई चीजें सामने आ रही हैं। इनके फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी। ट्रेन या बस में दुष्कर्म होने पर क्या इनका संचालन बंद कर दिया जाता है?"

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने गडकरी के बयान की अलोचना की। उन्होंने कहा, गडकरी सरकार के प्रतिनिधि हैं। इस प्रकार की बयानबाजी के बजाय उन्हें महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के तौरतरीकों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और जवाबदेही तय करनी चाहिए। उन्हें अपनी टिप्पणी पर माफी मांगनी चाहिए।" उबर की टैक्सी सेवाओं पर रेणुका का कहना था कि "इस पर अमेरिका में भी सवाल उठ चुके हैं।"

अल्पसंख्यक मामलों की केंद्रीय मंत्री नजमा हेपतुल्ला का भी कहना था कि जब रेडियो टैक्सी ज्यादा पैसे वसूलती हैं तो ग्राहक की सुरक्षा सुनिश्चित करना उनकी जिम्मेदारी है। इसी तरह पूर्व गृह सचिव आरके सिंह का कहना था कि "कंपनी ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वाह ठीक से नहीं किया है। उसका रवैया लापरवाही भरा है। निर्भया मामले के बाद सार्वजनिक परिवहन से जुड़े सभी वाहनों के ड्राइवरों का वेरीफिकेशन अनिवार्य किया गया था।"

परंतु कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला तथा अभिषेक मनु सिंघवी ने गडकरी की भांति रोक के फैसले से असहमति जताई। दोनों का कहना था कि जब तक समुचित तंत्र एवं नीति नहीं तैयार होती, तब तक इस प्रकार के कदम का कोई फायदा नहीं है। सिंघवी ने दिल्ली पुलिस के साथ-साथ सरकार को भी जिम्मेदार ठहराया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला ने भी उबर सेवाओं पर रोक लगाने के सरकार के फैसले को जल्दबाजी भरा बताया। उनका कहना था, "अगर कंपनी ने कोई गलती की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। परंतु यदि इसमें किसी व्यक्ति विशेष का हाथ है तब कंपनी पर कार्रवाई से गलत संदेश जाएगा।"

इससे पहले मंगलवार सुबह गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा में बयान दिया कि था केंद्र ने सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों को उबर की गैर पंजीकृत टैक्सी सेवाओं पर रोक सुनिश्चित करने को कहा है। सोमवार को दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में उबर की टैक्सी सभी सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी और इसे ब्लैक लिस्ट कर दिया था।

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