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बैंक हड़ताल आपको न कर दे कंगाल, साइबर हमले का खतरा; कैसे करें बचाव?

Published: Thu, 24 Sep 2026 08:30 PM (IST)

देशभर के सरकारी बैंकों में तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान डिजिटल फ्रॉड का खतरा बढ़ गया है, क्योंकि इस अवधि में ऑनलाइन लेनदेन में वृद्धि की उम्मीद है।

तीन दिन की बैंक हड़ताल से साइबर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ा (जागरण ग्राफिक्स)

तीन दिन की बैंक हड़ताल से साइबर धोखाधड़ी का खतरा बढ़ा (जागरण ग्राफिक्स)

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। देशभर के सरकारी बैंकों में अगले सप्ताह सोमवार से बुधवार तक (28, 29 और 30 सितंबर) तीन दिवसीय हड़ताल प्रस्तावित है। इस दौरान शाखा स्तर की सेवाएं प्रभावित होने वाली हैं, लेकिन डिजिटल बैंकिंग पूरी तरह बंद नहीं होगी।

ऐसे में एक बड़ी आशंका यह जताई जा रही है कि क्या बैंक ग्राहकों के साथ डिजिटल फ्रॉड करने वाले गिरोह इस मौके का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं?

भारतीय बैंक संघ ने जारी किया निर्देश 

जब बैंक अधिकारी अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर होंगे, तब ग्राहकों के साथ बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी न हो जाए, इस चिंता को देखते हुए भारतीय बैंक संघ (आईबीए) ने सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को निर्देश जारी किया है कि हड़ताल के बावजूद साइबर सिक्योरिटी आपरेशंस सेंटर्स को चौबीसों घंटे सुचारू रखा जाए।

साथ ही फ्रॉड के जोखिम को कम करने वाली व्यवस्था को भी सुचारू तौर पर जारी करने को कहा गया है। कॉल सेंटर भी चलते रहेंगे ताकि ग्राहकों को जानकारी दी जाती रहे।

दरअसल, तीन दिनों तक बैंकिंग शाखा बंद होने की वजह से उम्मीद है कि बैंकों के एप, नेट बैंकिंग और यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ेगा। ऐसे में धोखाधड़ी की संभावना बढ़ गई है।

आईबीए की तरफ से 23 सितंबर को लिखे पत्र में स्पष्ट कहा है कि 17 संवेदनशील सेवाओं में तैनात अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं होंगे, ताकि बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा और जरूरी डिजिटल सेवाएं प्रभावित न हों।

कौन-कौन सी सेवाएं रहेंदी चालू

लेटर के अनुसार, जिन सेवाओं को हड़ताल के दौरान भी सुचारू रखना अनिवार्य है, उनमें सुरक्षा अधिकारी और निगरानी स्टाफ, डेटा सेंटर और डिजास्टर रिकवरी सेंटर (सीबीएस, सर्वर और नेटवर्क), पेमेंट, सेटलमेंट व रेमिटेंस हब (आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस, यूपीआई, एनएसीएच आदि), एटीएम ऑपरेशंस और स्विच सेंटर हैं

इसके अलवा करेंसी चेस्ट और कैश प्रोसेसिंग सेंटर, ट्रेजरी ऑपरेशंस और स्विफ्ट सेल, साइबर सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (24 घंटे खतरे की निगरानी), क्लियरिंग प्रोसेसिंग सेंटर (चेक क्लियरिंग और सीटीएस), डिजिटल/अल्टरनेट डिलीवरी चैनल (इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग), फ्राड रिस्क मैनेजमेंट और संदिग्ध डिजिटल लेनदेन की निगरानी करने वाला प्रकोष्ठ (आई4सी सेल) शामिल है।

ये व्यवस्थाएं इसलिए जरूरी मानी गई हैं ताकि हड़ताल के दौरान भी यूपीआई, नेट बैंकिंग, एटीएम नेटवर्क और सरकारी लेनदेन बाधित न हों तथा फ्राड की कोशिशों पर नजर बनी रहे।

क्या हैं यूनियन की मांगे?

बैंकिंग हड़ताल का आह्वान यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने किया है। इसमें एआईबीईए, एआईबीओसी, एनसीबीई, एआईबीओए, बीईएफआई सहित प्रमुख बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठन शामिल हैं।

उनकी प्रमुख मांगें हैं, मार्च 2024 के समझौते के अनुसार पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करना (सभी शनिवार छुट्टी), परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेन्टिव (पीएलआई) योजना से जुड़े विवाद का समाधान, पेंशन अपडेशन, सभी पेंशनभोगियों के लिए एक समान महंगाई भत्ता फार्मूला तथा एनपीएस से पुरानी पेंशन योजना में जाने का विकल्प।

आईबीए ने साइबर सुरक्षा समेत 17 सेवाएं जारी रखने के दिए निर्देश

डिजिटल बैंकिंग सुरक्षित रखने के व्यावहारिक टिप्स

1. ओटीपी, पिन, सीवीवी, नेट बैंकिंग पासवर्ड या यूपीआइ पिन किसी के साथ साझा ना करें
2. फोन, एसएमएस या व्हाट्सऐप पर आए लिंक पर क्लिक न करें
3. आधिकारिक ऐप या बैंक की वेबसाइट खुद टाइप करके खोलें
4. डिजिटल अरेस्ट, खाता फ्रीज, केवाईसी अपडेट या रिफंड का काल तुरंत काटें
5. मोबाइल बैंकिंग और यूपीआइ पर ऐप लाक व ट्रांजैक्शन अलर्ट चालू रखें
6. पिन, पासवर्ड नियमित तौर पर बदलें, एक ही पिन कई जगह न इस्तेमाल करें
7. सार्वजनिक वाई-फाई पर नेट बैंकिंग या यूपीआइ पेमेंट न करें
8.धोखा होने पर तुरंत ट्रांजैक्शन ब्लाक करें, बैंक को काल करे
9. साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर रिपोर्ट करें

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