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'कोच्चि सिनेगॉग के पास आगजनी कई राज्यों में आतंकी साजिश का टेस्ट रन थी', पुलिस का बड़ा खुलासा

Published: Tue, 27 Oct 2026 03:51 PM (IST)

कोच्चि के कदावुम्भागम सिनेगॉग के पास हुई आगजनी एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा थी, जिसका खुलासा पुलिस कमिश्नर ने किया है।

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डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। केरलम के कोच्चि में 12 अक्टूबर को ऐतिहासिक कदावुम्भागम सिनेगॉग यानी यहूदी आराधनालय के ठीक सामने हुई आगजनी की घटना कोई साधारण अपराध नहीं थी, बल्कि यह कई राज्यों में फैली एक बड़ी आतंकी साजिश का हिस्सा थी। कोच्चि शहर के पुलिस कमिश्नर कालिराज महेश कुमार ने इस पूरे मामले का खुलासा किया है

दो हफ्ते पहले 32 वर्षीय एबिन पॉल नाम के एक व्यक्ति ने एर्नाकुलम मार्केट में सिनेगॉग के सामने स्थित ब्लॉसम नर्सरी में आग लगा दी थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी नीले रंग की मारुति इग्निस कार से आया, परिसर में पेट्रोल छिड़का, आग लगाई और भागने से पहले अपने मोबाइल फोन से इसका वीडियो भी बनाया।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि 12 अक्टूबर की सुबह की गई यह आगजनी एक टेस्ट केस थी। हैंडलर ने आरोपी को पहले कोच्चि में अपनी क्षमता साबित करने को कहा था, जिसके बाद उसे आगे बड़े आतंकी हमलों की जिम्मेदारी सौंपी जानी थी।

विदेशी हैंडलर, क्रिप्टो करेंसी और आतंकी कनेक्शन

जांच में सामने आया है कि इस साजिश के पीछे एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन का हाथ है। एक विदेशी हैंडलर एबिन पॉल को टेलीग्राम एप के जरिए निर्देश दे रहा था और उसे फंडिंग क्रिप्टो करेंसी के जरिए भेजी जा रही थी। पॉल ने इससे पहले एर्नाकुलम के मुवत्तुपुझा में भी इसी तरह की आगजनी की घटनाओं को अंजाम दिया था।

जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी ने अन्य राज्यों में भी संभावित ठिकानों की पहचान करने में मदद की थी, जहां हमले की योजना बनाई जा रही थी। पुलिस ने संबंधित राज्यों और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ इनपुट साझा किए हैं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए 23 अक्टूबर को आरोपी के खिलाफ यूएपीए कानून लगाया गया और अब एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) मामले की जांच संभालेगी।

कौन है आरोपी एबिन पॉल?

एबिन पॉल एर्नाकुलम जिले के पुथेनक्रूज के पास वदयामपडी का रहने वाला है। वह पुणे से पढ़ा एक डिजाइन ग्रेजुएट है और उसकी पृष्ठभूमि खंगालने के लिए पुलिस की एक टीम पुणे भी गई है। परिवार के अनुसार, वह डिप्रेशन का इलाज करा रहा था और घर से ही डिजाइनिंग का काम करता था।

जांच में पता चला कि उसे टेलीग्राम पर बॉस नाम के एक कॉन्टैक्ट से निर्देश मिल रहे थे। पूछताछ में उसने विक्रम नाम के शख्स का जिक्र किया है, पुलिस जांच कर रही है कि क्या बॉस और विक्रम एक ही व्यक्ति हैं।

आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसके मोबाइल की फोरेंसिक जांच से इस बड़ी आतंकी साजिश के कई अहम सुराग मिले हैं।

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