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'आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति पुलिस', अमित शाह बोले- 2029 तक देश को होगा नशे से मुक्त

Published: Wed, 21 Oct 2026 08:56 PM (IST)

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस स्मृति दिवस पर आंतरिक सुरक्षा में पुलिस जवानों की भूमिका की सराहना की, उन्हें सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति बताया।

अमित शाह ने पुलिस को आंतरिक सुरक्षा की प्रथम और अंतिम पंक्ति बताया।

अमित शाह ने पुलिस को आंतरिक सुरक्षा की प्रथम और अंतिम पंक्ति बताया।

HighLights

  1. पुलिस को आंतरिक सुरक्षा की प्रथम और अंतिम पंक्ति बताया।

  2. 'नशा मुक्त भारत' रोडमैप को 2029 तक लागू करने का लक्ष्य।

  3. आतंकवाद, माओवाद, अलगाववाद से लड़ने में पुलिस की भूमिका सराही।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ज्यादती को लेकर भले ही पुलिस व अर्द्धसैनिक बल कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों के निशाने पर हैं, लेकिन गृह व सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आंतरिक सुरक्षा में पुलिस जवानों की भूमिका की जमकर तारीफ की।

शाह ने कहा कि पुलिस के जवानों को आंतरिक सुरक्षा की पहली और आखिरी पंक्ति दोनों बताया। उन्होंने आतंकवाद पर अंकुश लगाने से लेकर देश को माओवाद से मुक्त कराने और पूर्वोत्तर में अलगाववाद को खत्म करने में पुलिस
की भूमिका को रेखांकित किया।

पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए अमित शाह ने कहा, 'आंतरिक सुरक्षा की प्रथम और अंतिम पंक्ति पुलिस के जवान ही हैं; चुनाव हो, त्योहार हो या सीमा की सुरक्षा, पुलिस व अर्द्धसैनिक बलों के जवान हर मोर्चे पर मुस्तैद रहते हैं।'

उनके अनुसार देश में लोकतंत्र में रक्षा में भी पुलिस का अहम योगदान है। पश्चिम बंगाल में इस बार विधानसभा चुनावों के दौरान एक भी व्यक्ति की मौत नहीं होने का श्रेय पुलिस बलों को देते हुए उन्हौंने कहा कि अर्द्धसैनिक बलों के बिना लोकतांत्रिक प्रकियाओं को सुचारू रूप से संचालित करने की कल्पना तक नहीं कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि देश आज विश्व में जिस सम्मानजनक स्थान पर खड़ा है, उसकी नींव में भी हमारे वीर जवानों का त्याग और बलिदान है। उनके अनुसार सरकार की सभी सेवाओं में पुलिस की सेवा सबसे कठिन है। पुलिस कर्मियों के लिए कोई त्योहार नहीं होता, वे उस दिन भी मौके पर डटे रहते हैं।

देश आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान हुई संघर्षों में 36 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों ने अपनी शहादत दी है। अकेले माओवाद के खिलाफ लड़ाई में 3600 से अधिक पुलिसकर्मी बलिदान हुए हैं।

इस अवसर पर अमित शाह ने झंडा दिखाकर ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई संदेश के साथ आयोजिक देशव्यापी मोटरसाइकिल रैली को भी रवाना किया। उन्होंने देश के सभी पुलिस कर्मियों को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में तैयार किए गए ‘नशा मुक्त भारत’ के रोडमैप को जमीन पर उतारने के लिए मनोयोग से जुड़ने का आह्वान किया। इस रोडमैप के तहत 31 दिसंबर 2029 तक देश को नशे के साये से मुक्ति दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

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