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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

एयरफोर्स ने सुखोई से दागा 'गौरव', स्वदेशी ग्लाइड बम की 100 किमी है रेंज; दुश्मन के घर में घुसकर करेगा हमला

Published: Fri, 11 Apr 2025 09:33 PM (IST)

भारतीय वायुसेना को जल्द ही ग्लाइड बम गौरव मिलने वाला है। हाल में 8 ही डीआरडीओ ने सुखोई विमान से ...और पढ़ें

वायुसेना को जल्द मिलेगा गौरव (फोटो- वीडियोग्रैब)
वायुसेना को जल्द मिलेगा गौरव (फोटो- वीडियोग्रैब)

पीटीआई, नई दिल्ली। वायुसेना को जल्द ही ग्लाइड बम गौरव मिलने वाला है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सुखोई विमान से लंबी दूरी के ग्लाइड बम गौरव का सफलतापूर्वक परीक्षण किया है।

गौरव एक हजार किलोग्राम वर्ग का ग्लाइड बम है जिसे डीआरडीओ ने स्वदेशी तौर पर डिजाइन और विकसित किया गया है। रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि आठ से 10 अप्रैल तक सुखोई-30 एमकेआइ विमान से लंबी दूरी के ग्लाइड बम (एलआरजीबी) 'गौरव' का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह लगभग 100 किलोमीटर की दूरी तक सटीकता के साथ लक्ष्य को भेदने में सफल रहा।

सशस्त्र बलों की क्षमताओं में होगी वृद्धि

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गौरव के सफल विकास परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, वायुसेना और संबंधित उद्योग भागीदारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंबी दूरी के ग्लाइड बम के विकास से सशस्त्र बलों की क्षमताओं में काफी वृद्धि होगी।

उड़ते हुए लक्ष्य को निशाना बनाने में सक्षम

मंत्रालय ने कहा कि इस प्रणाली को साझीदारों अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलाजीज, भारत फोर्ज और विभिन्न एमएसएमई के सहयोग से साकार किया गया है। परीक्षण से इस हथियार को वायुसेना में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। ग्लाइड बम की रेंज सामान्य बम से काफी अधिक हो सकती है। विमान से छोड़े जाने के बाद यह हवा में ग्लाइडर की तरह उड़ते हुए लक्ष्य को निशाना बनाते हैं।

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