कुशीनगर (अजय कुमार शुक्ल)। भगवान बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में एक दशक में एड्स रोगियों की संख्या 15 फीसद बढ़ गई है। मरने वालों की संख्या पचास पार कर गई है। विभाग की कार्रवाई और इस पर रोक व बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियान पूरी तरह से कटघरे में हैं।

स्वास्थ्य विभाग व स्वयंसेवी संस्थाएं कितनी सजग हैं, इसका अंदाजा रोगियों की बढ़ती संख्या से लगाया जा सकता है। कितने रोगी बाहर से रोग लेकर आए, कितने यहां उनके कारण प्रभावित हुए इसका पता न तो स्वास्थ्य विभाग लगा पाया है और न ही एड्स के प्रति जागरूक करने के नाम पर मोटी सरकारी रकम खर्च करने वाली स्वयंसेवी संस्थाएं ही। रोगियों की बढ़ती संख्या और बचाव कार्य में स्वास्थ्य विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं की विफलता को लेकर पूर्व में ही प्रशासन चेतावनी दे चुका है। पूर्व जिलाधिकारी आर सैंफिल ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

इस संबंध में जिलाधिकारी लोकेश एम ने बताया कि रोगियों की संख्या में वृद्धि गंभीर चिंता का विषय है। इसको लेकर कार्य करने वाली संस्थाओं व स्वास्थ्य विभाग को कारण बताओ नोटिस दिया गया है। उनसे पूछा गया है कि आखिर रोगियों की संख्या इतनी तेजी से कैसे बढ़ी। कहीं लापरवाही दिखी तो कार्रवाई होगी।

एड्स रोगियों के वर्ष वार आंकड़े

2004-2005-2006-2007-2008

पुरुष : 14 13 10 38 40

महिला: 7 14 13 50 26

योग : 21 27 23 88 66

वर्ष : 2009-2010-2011-2012

पुरुष : 82 67 176 206

महिला : 53 53 128 167

योग : 135 120 300 373

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