विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

NCERT के नौवीं से 12वीं के छात्रों के लिए एआई-सीटी आधारित पाठ्यक्रम शुरू

Published: Mon, 26 Oct 2026 01:50 AM (IST)

एनसीईआरटी ने 9वीं से 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित 20 घंटे का परिचयात्मक मॉड्यूल शुरू किया है।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

तस्वीर का इस्तेमाल प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (एआई द्वारा निर्मित फोटो।)

HighLights

  1. एनसीईआरटी ने 9वीं-12वीं के लिए एआई-सीटी मॉड्यूल लॉन्च किया।

  2. डीपफेक पहचान, डेटा प्राइवेसी पर छात्रों को शिक्षित करेगा।

  3. आईआईटी मद्रास और जोधपुर के सहयोग से तैयार।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ( एनसीईआरटी ) ने कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कंप्यूटेशनल थिंकिंग (सीटी) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर आधारित एक 20 घंटे का इंट्रोडक्टरी मॉड्यूल यानी परिचयात्मक पाठ्यक्रम शुरू किया है।

इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य छात्रों को केवल तकनीक का इस्तेमाल करना ही नहीं, बल्कि डीपफेक की पहचान, डाटा प्राइवेसी और एआई के नैतिक इस्तेमाल से जुड़ी सीमाओं को समझाना है। इस कोर्स को इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि बिना कंप्यूटर या इंटरनेट वाले स्कूलों के छात्र भी इसे आसानी से सीख सकें।

क्या है मकसद?

एनसीईआरटी ने गतिविधि आधारित यह मॉड्यूल आईआईटी मद्रास और आईआईटी जोधपुर के साथ मिलकर तैयार किया है। इस मॉड्यूल को बनाने के पीछे मकसद विद्यार्थियों को एआई की कार्यप्रणाली समझाना, उसकी सीमाओं का आकलन करने और एआई प्रणालियों के नतीजों की पुष्टि किए बिना उन पर निर्भर रहने के बजाय उनका सावधानीपूर्वक, आत्मविश्वास के साथ, रचनात्मक और जिम्मेदारी से इस्तेमाल व मूल्यांकन करना सिखाना है।

इसमें छात्रों को इंटरनेट मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरों और डीपफेक वीडियो/आडियो को पहचानने के तरीके सिखाए जाएंगे। उन्हें सिखाया जाएगा कि वे डिजिटल सामग्री पर आंख मूंदकर भरोसा न करें।

यह भी पढ़ें: अब व्यक्तिगत आयकर की गणना सीखेंगे कक्षा नौ के बच्चे, NCERT ने पहली बार स्कूली कोर्स में शामिल किया नया पाठ्यक्रम