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पति को छोड़ जेठ से शादी करके कर दिया उसका खून, फिर लाश ठिकाने लगाने के लिए प्रेमी ने की मदद; गुजरात पुलिस भी हैरान

Published: Tue, 19 May 2026 01:39 PM (IST)

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने एक जटिल हत्या मामले को सुलझा लिया है, जिसमें पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति की हत्या कर दी।

गिरफ्तार दोनों आरोपी और अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच की टीम। (सोर्स - X@CrimeAhmedabad)

गिरफ्तार दोनों आरोपी और अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच की टीम। (सोर्स - X@CrimeAhmedabad)

HighLights

  1. अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने सुलझाई हत्या की गुत्थी

  2. पत्नी और प्रेमी ने मिलकर की पति की हत्या

  3. शव नहर में फेंककर दुर्घटना का रूप दिया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अहमदाबाद सिटी क्राइम ब्रांच की टीम ने एक मर्डर मिस्ट्री को सफलतापूर्वक सुलझा लिया है। हालांकि, शुरूआती जांच में पुलिस ने इसे दुर्घटना में हुई मौत मानकर केस को खारिज कर दिया था, लेकिन जब बाद में क्राइम ब्रांच ने इसकी जांच शुरू की तो एक के बाद एक खुलासे होते गए।

दरअसल, मामला यह है कि सुरेंद्रनगर जिले के ध्रांगध्रा तालुका के सोल्डी गांव में रहने वाले शांतिगिरी विष्णुगिरी गोस्वामी के संदिग्ध रूप से लापता होने और उसके बाद लाश मिलने के बारे में पुलिस को जानकारी मिली। इसके बाद जब जांच शुरू की गई, तो स्थानीय लोगों के कहने पर अधिकारियों ने इस घटना को एक दुर्घटना में हुई मौत के तौर पर दर्ज कर लिया।

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने केस को सुलझाया

हालांकि, जब अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने इस मामले को अपने हाथ में लिया और जांच शुरू की, तो जानबूझकर किए गए एक मर्डर के पुख्ता संकेत सामने आने लगे। पुलिस के अनुसार, जागृति गोस्वामी की पहली शादी सुखदेवगिरी गोस्वामी से हुई थी, जिनसे उसके दो बच्चे थे।

वहीं, बाद में उसे अपने देवर शांतिगिरी गोस्वामी से प्यार हो गया और उसने अपने पहले पति और बच्चों को छोड़कर देवर के साथ भागकर शादी कर ली। इसके बाद दोनों ने एक दूसरे गांव में अपनी नई जिंदगी शुरू की, जहां शांतिगिरी एक ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करता था और अक्सर हफ्तों तक घर से बाहर रहता था।

कांतिलाल ने पहले पास में लिया था घर 

उसकी गैरमौजूदगी के दौरान, कांतिलाल उर्फ भरतभाई लालजीभाई साबरिया ने कथित तौर पर पहले इस जोड़े के घर के बगल वाला घर किराए पर लिया। इसके बाद कांतिलाल और जागृति के बीच नजदीकी रिश्ते बन गए, जिसे पीड़ित और उसकी पत्नी के बीच लगातार होने वाले घरेलू झगड़ों से और भी बढ़ावा मिला।

इन्हीं झगड़ों से तंग आकर, एक दिन जागृति और कांतिलाल ने शांतिगिरी को रास्ते से हटाने की साजिश रची और इसके लिए उन्होंने यूनिस नाम के एक सुपारी किलर को 25,000 रुपये में काम सौंपा। एक रात, यूनिस हत्या को अंजाम देने के इरादे से घर में घुसा, लेकिन शांतिगिरी को सोते हुए देखकर उसकी हिम्मत जवाब नहीं बनी।

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महिला और उसके प्रेमी ने यूनिस को दी थी सुपारी

उसने मर्डर को अंजाम देने के बजाय, चुपके से शांतिगिरी की एक तस्वीर खींची और उसे जागृति को भेज दिया, और झूठा दावा किया कि काम पूरा हो गया है। अपने पति को मृत मानकर, जागृति ने उसे पैसे दे दिए। हालांकि जब बाद में ट्रक ड्राइवर जाग गया, तो इस धोखे का पर्दाफाश हो गया।

यहीं से घरेलू झगड़े और गुपचुप रिश्तों ने एक जानलेवा साजिश को पैदा करने का काम किया। जब सुपारी देकर हत्या करवाने की कोशिश नाकाम हो गई, तो आरोपी जोड़ी ने शांतिगिरी को पूरी तरह से खत्म करने की एक और साजिश रची। क्राइम ब्रांच के मुताबिक, कांतिलाल ने शांतिगिरी का गला घोंटा, जबकि जागृति ने उसकी चीखें दबाने के लिए उसके चेहरे पर तकिया रख दिया।

घर में दोनों ने मिलकर शांतिगिरी का किया मर्डर

अपने घर के अंदर हत्या करने के बाद, उन्होंने पड़ोसियों से इस अपराध को छिपाने के लिए कमरे में बिस्तर के पीछे शव को छिपा दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए, जागृति ने दीपक उर्फ मुन्ना नाम के एक तीसरे व्यक्ति से मदद मांगी, जिसका कथित तौर पर उसके साथ प्रेम-संबंध भी था।

दीपक ने एक कार का इंतजाम किया, और तीनों ने मिलकर शांतिगिरी के शव को सुरेंद्रनगर में एक नहर में फेंक दिया, ताकि यह लगे कि उसकी मौत गलती से नहर में डूबने से हुई है।

किसी भी तत्काल कानूनी कार्रवाई या तलाशी अभियान से बचने के लिए, आरोपियों ने जान-बूझकर यह अफवाह फैलाई की पीड़ित काम के लिए अपनी मर्जी से घर छोड़कर चला गया है, और सच को दबाने के लिए उन्होंने कोई भी आधिकारिक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई।

महीनों तक चलती रही जांच

यह अपराध कई महीनों तक छिपा रहा, क्योंकि नहर में मिले शव को स्थानीय पुलिस ने शुरू में गलती से हुई मौत मान लिया था। वहीं, बाद में कई खुफिया जानकारियों को आपस में जोड़कर जब क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने देखा तो आखिरकार मृतक की पहचान कर ली गई।

इसके साथ ही इस साजिश का पर्दाफाश कर दिया। 18 मई को, अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने कांतिलाल साबरिया और जागृति गोस्वामी को हत्या, साजिश रचने और सबूत मिटाने में उनकी मुख्य भूमिकाओं के लिए आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया।

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