जालंधर (एएनआई)। पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) में भारतीय सेना की कार्रवाई के बाद आरएस पुरा और सांबा सेक्टर के गांवों को बीती रात खाली कर दिया गया है। इसके साथ ही पंजाब में सीमा से सटे करीब एक हजार गांवों को भी खाली कराया गया है। वहींं पंजाब के फिरोजपुर के कुछ गांवों के लोगों ने घर छोड़कर जाने से मना कर दिया है। हालांकि इस ऐहतियाती कदम के बाद इन लोगों की रात डर के साए में ही गुजरी। कुछ लोगों को खुले आसमान के नीचे ही अपनी रात गुजारनी पड़ी। इनमें कई लोगों को विभिन्न गुरुद्वारों में ठहरााया गया है।

गौरतलब है कि पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी सीमा से सटे दस किमी के दायरे में आने वाले गांवों को खाली कराने का आदेश दिया था। यह आदेश पाकिस्तान से होने वाले संभावित खतरे के मद्देनजर दिया गया था।

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पंजाब की पाकिस्तानी सीमा से सटे छह जिलों के 987 गांव गुरुवार रात तक खाली करा लिए गए। सीमा के 10 किलोमीटर के दायरे में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर व फाजिल्का के सीमावर्ती गांवों से पलायन कर चुके लोगों को स्कूलों, कम्युनिटी हॉल, मैरिज पैलेस, गुरुद्वारों व डेरों में ठहराया गया है।

जिला प्रशासन को उनके खाने, स्वास्थ्य व सुरक्षा के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि उनकी जानमाल व उनके घरों की सुरक्षा का जिम्मा सरकार का है। सेना, बीएसएफ व पुलिस उनकी सुरक्षा में मुस्तैद है। डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया कि लोगों की सुरक्षा के लिए पुलिस ट्रेनिंग सेंटर बंद कर 1500 जवानों को वहां भेजा गया है। गांवों में पशुओं के लिए चारे का इंतजाम भी किया गया है।

गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव जगपाल सिंह संधू व कानून-व्यवस्था के डीजीपी हरदीप सिंह ढिल्लों अमृतसर में कैंप करेंगे। भाखड़ा बांध में ब्लैक आउटसीएम के साथ हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल ने कहा कि बॉर्डर के गांवों में ब्लैक आउट का ऑर्डर जारी हो सकता है। वहीं, नंगल स्थित भाखड़ा बांध में गुरुवार रात को ब्लैक आउट कर दिया गया।

राशन का प्रबंध करने के निर्देश राज्य के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सभी जिला खाद्य नियंत्रकों को राहत शिविरों में राशन का प्रबंध करने को कहा गया है। इसके लिए पूरी सूची सौंपी गई है। इससे पहले दिन में अमृतसर और तरनतारन में लोग पेट्रोल व अन्य जरूरी खाद्य वस्तुएं जुटाने में लगे रहे। पेट्रोल पंपों पर शाम तक काफी भीड़ रही। इसमें पजांब के फाजिल्का के 60 गांव, फिरोजपुर के 300 गांव, तरनतारन के 135 गांव, अमृतसर के 137 गांव, गुरदासपुर के 290 गांव और पठानकोट के 65 गांव शामिल हैं।

Posted By: Kamal Verma

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