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UPSC टॉपर अनुज अग्निहोत्री ने अनुशासन और खुद पर विश्वास को बताया सफलता का मंत्र, इस टॉपर ने बगैर कोचिंग के हासिल की सफलता

Published: Sat, 07 Mar 2026 11:56 AM (IST)Updated: Sat, 07 Mar 2026 01:27 PM (IST)

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने अपने तीसरे प्रयास में पहली रैंक हासिल की है। ...और पढ़ें

यहां पढ़िए यूपीएससी टॉपर्स की सक्सेस स्टोरी।

यहां पढ़िए यूपीएससी टॉपर्स की सक्सेस स्टोरी।

HighLights

  1. एमपी के पक्षपाल ने बगैर कोचिंग के हासिल की सफलता।

  2. आस्था जैन से अपने तीसरे प्रयास में हासिल की नौवीं रैंक।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों का सपना होता है कि वे इस परीक्षा को पास करके देश की सेवा करें। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। बता दें, कल यानी 06 मार्च को संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा-2025 का परिणाम जारी किया था।

इस परीक्षा में राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करके दिखा दिया की अगर आपके हौसले बुलंद हो तो आप कठिन से कठिन इम्तिहान हो पास कर सकते हैं।

दानिक्स की ट्रेनिंग के दौरान यूपीएससी की तैयारी

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में पहली रैंक हासिल करने वाले अनुज अग्निहोत्री वर्तमान में (DANICS) में कार्यरत हैं। अनुज अग्निहोत्री ने दानिक्स की ट्रेनिंग के दौरान ही अनुशासन के साथ सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की। दानिक्स की ट्रेनिंग करने के साथ-साथ ही वह यूपीएससी के टॉपर भी बन गए हैं। यूपीएससी में पहली रैंक हासिल करने के बाद अनुज ने बताया कि सफलता के दो ही शब्द हैं। अनुशासन और खुद पर विश्वास, ये दोनों हैं तो आप दुनिया जीत सकते हैं।

बचपन में था डॉक्टर बनने का सपना

यूपीएससी में सफलता मिलने के बाद अनुज ने बताया कि जब वह बचपन में लोगों को बीमार देखते थे, तभी उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उनका यह सपना तब पूरा हुआ जब उन्होंने साल 2023 में जोधपुर एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की। हालांकि एमबीबीएस के दौरान ही उन्हें यह विचार आया कि अगर लोगों की सेवा करनी हैं, तो डॉक्टर से ज्यादा बेहतर है IAS बनना होगा। फिर क्या था अनुज ने इसी सला यानी साल 2023 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। लेकिन कटऑफ से थोड़ा चूक गए। उन्हें यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 52वीं रैंक मिली और बतौर दानिक्स अधिकारी के रूप में उनका चयन हुआ।

आईएएस न बनने का था मलाल

अनुज अग्निहोत्री ने बताया कि जब उनका नाम मुख्य सूची में नहीं आया तो मन में मलाल रहा। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और आईएएस बनने के लिए उन्होंने दानिक्स की ट्रेनिंग के दौरान ही रोजाना अनुशासन के साथ पांच से छह घंटे की पढ़ाई की। अनुज ने बताया कि वह क्रिकेटर कोहली के सिर्फ फैन ही नहीं, बल्कि उनसे प्रेरणा भी लेते हैं। 

एकांश ढुल ने हासिल की तीसरी रैंक

यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में हरियाणा पंचकुला के एकांश ढुल ने तीसरी रैंक हासिल की है। उन्होंने वर्ष 2024 में 342वीं रैंक हासिल की थी। एकांश ढुल के पिता पूर्व हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रवक्ता होने के साथ-साथ हरियाणा आर्चरी एसोसिएशन के अध्यक्ष भी है। बता दें, एकांश ढुल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा चंडीगढ़ के से पूरी की है। उनकी मां सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल है। एकांश ढुल ने दिल्ली यूनिवर्सिटी श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स से बीए ऑनर्स में डिग्री हासिल की है।

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राघव झुनझुनवाला चौथी रैंक

बिहार में मुजफ्फरपुर के निवासी राघव झुनझुनवाला ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल की है। बता दें, राघव को यह सफलता उनके तीसरे प्रयास में मिली है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई मुजफ्फरपुर से पूरी की है। उन्होंने डीयू से अर्थशास्त्र विषय में स्नातक किया और स्नातक पूरा करने के बाद ही उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर की। राघव ने बताया कि वह अपने पहले प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में असफल हो गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने अधिक मेहनत की और परीक्षा में एआईआर रैंक-4 हासिल करके दिखा दिया कि आप कड़ी से मेहनत से अपने सपनों को पूरा कर सकते हैं।

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ईशान भटनागर पांचवीं रैंक

ईशान भटनागर ने सिविल सेवा परीक्षा में पांचवीं रैंक हासिल की है। ईशान भटनागर भोपाल के रहने वाले हैं। वर्तमान में वह नागपुर में भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती शिक्षा भोपाल के दिल्ली पब्लिक स्कूल से पूरी की है। कक्षा 12वीं में उन्होंने 96.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसके बाद उन्होंने नेशनल लॉ स्कूल यूनिवर्सिटी दिल्ली से उच्च शिक्षा पूरी की।

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पक्षपाल आठवीं रैंक

मध्य प्रदेश के पक्षपाल ने सिविल सेवा की परीक्षा में बगैर कोचिंग के परीक्षा में आठवीं रैंक हासिल की है। उन्होंने आईआईटी कानपुर से इकोनॉमिक्स विषय में बीटेक किया है। इसके बाद दिसंबर 2023 में उन्होंने सेल्फ स्टडी की और टेस्ट सीरिज के माध्यम से परीक्षा में सफलता हासिल की। पक्षपाल अपने पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, दूसरे प्रयास में प्रारंभिक परीक्षा में चयन नहीं हुआ और तीसरे प्रयास में उन्होंने यह सफलता हासिल की। पक्षपाल ने बताया कि तैयारी के दौरान दो वर्षों तक उन्होंने की-पैड मोबाइल फोन चलाया।

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आस्था जैन नौवीं रैंक

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में कांधला की रहने वाली आस्था जैन ने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल की है। बता दें, अपने पहले प्रयास में वह 131वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बनी थी और दूसरे प्रयास में उन्हें 181वीं रैंक मिली थी। वर्तमान में आस्था जैन हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग कर रही है।

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पिता अजय जैन की कांधला में ही किराना की दुकान है। आस्था जैन ने शामली से ही अपनी शुरुआती शिक्षा पूरी की है। उन्होंने साल 2019 में 12वीं की परीक्षा में 500 में से 496 रैंक हासिल कर देश में चौथा स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने डीयू से स्नातक पूरी की और दिल्ली रहकर ही यूपीएससी की तैयारी की।

 

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