भारत के इस शहर को कहा जाता है 'साइलेंट सिटी', हॉर्न न बजाने के पीछे छिपी है अनोखी परंपरा
भारत में बसा एक ऐसा शहर जहां घंटों ट्रैफिक में फंसे रहने के बावजूद भी यहां लोग हॉर्न नहीं बजाते ...और पढ़ें

यहां हॉर्न बजाना असभ्यता का संकेत माना जाता है।
HighLights
भारत के इस राज्य को 'लैंड ऑफ हाईलैंडर्स' भी कहा जाता है।
ट्रैफिक नियमों के पालन के पीछे छिपी है एक अनोखी परंपरा।
एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। समुद्र तल से करीब 1,132 मीटर की ऊंचाई और खूबसूरत वादियों के बीच में बसा भारत का एक ऐसा राज्य जहां लोग सड़क पर गाड़ी बड़े ही सभ्य तरीके से चलाते हैं। इस शहर में न तो कोई जल्दबाजी में हॉर्न बजाता है और न ही यहां कोई ट्रैफिक लाइट है। अपने शांत जीवनशैली के लिए जाने वाले इस शहर को लोग प्यार से 'साइलेंट सिटी' के नाम से पुकारते हैं। बता दें, पहाड़ों की गोद में बसा पूर्वोत्तर का यह राज्य आइजोल है और इसकी राजधानी मिजोरम है।
ऐसे में अगर आप भी घूमने के शौकीन है और भारत में किसी ऐसे शहर की तलाश कर रहे हैं, जो चारों ओर से वादियों से घिरा हो। साथ ही यहां तक दुनिया का शोर-शराबा भी न पहुंचता हो, तो आप एक बार भारत की 'साइलेंट सिटी' मिजोरम जा सकते हैं। यहां सड़को का शांत वातावरण न केवल आपके दिमाग को तरोताजा करेगा, बल्कि आपका मन भी मोह लेगा। तो चलिये जानते हैं, भारत की साइलेंट सिटी के बारे में विस्तार से।
क्यों कहते हैं 'साइलेंट सिटी'
मिजोरम भारत का एक ऐसा राज्य है, जिसे ट्रैफिक मुक्त माना जाता है। यह राज्य भारत में अपने ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए जाना जाता है। यहां रहने वाले लोग इतने सभ्य है कि वह सड़कों पर स्वयं नियमों का पालन करते हैं, जिसके कारण शहर में ट्रैफिक लाइट की जरूरत महसूस नहीं होती है। यही कारण है कि लोग इस शहर को 'साइलेंट सिटी' कहना ज्यादा पसंद करते हैं।
जाम होने पर क्यों नहीं बजाते लोग हॉर्न
यहां रहने वाले लोगों का मानना है कि सड़कों पर जाम होने की स्थिति में हॉर्न बजाना और ट्रैफिक नियमों का पालन न करना असभ्यता का संकेत है। ऐसे में यहां रहने वाले लोग खुद को सभ्य मानते हैं और ट्रैफिक नियमों का पूरी तरह से पालन भी करते है। इसके साथ ही बहुत ज्यादा ट्रैफिक होने की स्थिती में लोग अपना धैर्य भी नहीं खोते हैं।
इसके पीछे छिपी है अनोखी परंपरा
मिजोरम को एक शांत शहर इसलिए भी कहा जाता है, क्योंकि इसके पीछे मिजो समुदाय की एक अनोखी परंपरा छिपी हुई है। मिजो समुदाय में इस परंपरा को 'तलावमंगैहना' कहा जाता है। इस अनोखी परंपरा का अर्थ है निस्वार्थ भाव से खुद से पहले लोगों का भला करना और नेक विचार रखना। मिजो समुदाय की इसी आदर्श सोच की वजह से यहां पैदल यात्रा करने वाले लोगों का बहुत सम्मान किया जाता है। जब भी कोई यहां सड़क पार करता है, तो ड्राइवर खुद अपनी गाड़ी की स्पीड धीमी कर लेते हैं।
शहर को लैंड ऑफ हाईलैंडर्स भी कहते हैं
मिजोरम शहर को साइलेंट सिटी के साथ-साथ 'लैंड ऑफ हाईलैंडर्स' भी कहा जाता है। मिजोरम शहर चारों ओर पहाड़ों से घिरा हुआ है, जिसके कारण लोग इसे 'लैंड ऑफ हाईलैंडर्स' भी कहते हैं। बता दें, यह शहर समुद्र तल से लगभग 1,132 मीटर की ऊंचाई पर बसा है और यहां का शांत व साफ वातावरण पर्यटकों को बहुत ज्यादा आकर्षित करता है।
