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IOAA 2026: खगोल विज्ञान ओलंपियाड में इंडियन स्टूडेंट्स का जलवा, 19वें संस्करण में जीते 4 स्वर्ण और 1 रजत पदक

Published: Tue, 06 Oct 2026 11:44 AM (IST)

International Astronomy Olympiad 2026 में भारत के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 गोल्ड, 1 सिल्वर सहित 5 पदक जीतें हैं। ओवरऑल भारत ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

19th IOAA 2026: अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड

19th IOAA 2026: अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड

HighLights

  1. 19th IOAA 2026 में भारत के छात्रों का रिकॉर्ड।

  2. 5 छात्रों के दल में सभी ने हासिल किया मेडल।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। वियतनाम के हनोई में आयोजित 19वें अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी ओलंपियाड (International Astronomy Olympiad 2026) में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया है। 5 भारतीय छात्रों के दल ने 25 सितंबर से 5 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में भाग लिया था जिसमें 4 स्वर्ण पदक और 1 रजत पदक जीता है। पांचों में से प्रत्येक भारतीय प्रतिभागी ने पोडियम पर जगह बनाई, जिससे टीम को 100 प्रतिशत पदक का रिकॉर्ड हासिल हुआ।

ओलंपियाड में वियतनाम के साथ संयुक्त तीसरा स्थान हुआ भारत को प्राप्त

ओवरऑल मेडल तालिका में भारत मेजबान देश वियतनाम के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहा। ईरान और दक्षिण कोरिया पांच-पांच स्वर्ण पदक जीतकर शीर्ष पर रहे। इस परिणाम का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इस वर्ष का आयोजन IOAA का अब तक का सबसे बड़ा संस्करण था, जिसमें 64 देशों का प्रतिनिधित्व करने वाले 307 छात्रों ने भाग लिया था।

स्वर्ण पदक विजेता भारतीय छात्र

  1. प्रांजल दीक्षित: हैदराबाद
  2. सुमंत गुप्ता: दिल्ली
  3. अक्षत श्रीवास्तव: गुरुग्राम
  4. अर्णव सहरावत: फरीदाबाद

रजत पदक विजेता छात्र का नाम

  • हर्षिल अमित कुमार पटेल: वडोदरा

टीम के मेंटर्स

छात्रों का मार्गदर्शन टीआईएफआर (TIFR), मुंबई की प्रोफेसर भास्वती मुखर्जी और भारतीय खगोल भौतिकी संस्थान (IIA), बेंगलुरु के प्रोफेसर संवेद कोलेकर ने किया। इसके अलावा एचबीसीएसई-टीआईएफआर (HBCSE-TIFR) के प्रोफेसर अनिकेत सुले, जो वर्तमान में IOAA के अध्यक्ष हैं, भी इस दौरान उपस्थित थे।

कैसे हुआ मूल्यांकन

इस ओलंपियाड में केवल सैद्धांतिक ज्ञान की परीक्षा नहीं ली गई। इसमें मूल्यांकन का 50% हिस्सा थ्योरी पर आधारित था, जबकि अवलोकन (Observation) और डेटा विश्लेषण (Data Analysis) का हिस्सा 25-25% था। प्रतिभागियों को खगोलीय अवलोकनों और वैज्ञानिक आंकड़ों पर अपनी समझ का प्रयोग करना था, जिससे यह परीक्षा ज्ञान और व्यावहारिक समस्या-समाधान (Problem Solving) दोनों का परीक्षण बन गई।

ओलंपियाड में भारत का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड

वर्ष 1999 में खगोल विज्ञान ओलंपियाड में भागीदारी शुरू करने के बाद से भारत के 49 प्रतिशत प्रतिभागियों ने स्वर्ण, 35 प्रतिशत ने रजत और 13 प्रतिशत ने कांस्य पदक जीते हैं। पिछले पांच वर्षों में, प्रत्येक भारतीय प्रतिभागी ने केवल स्वर्ण या रजत पदक जीता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी में देश का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है।

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