विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CBSE: जुलाई से स्कूलों में लागू होगी Third Language Policy, तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा नहीं होगी आयोजित

Published: Sun, 17 May 2026 10:14 AM (IST)

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से 1 जुलाई से 3rd लैंग्वेज पॉलिसी को 1 जुलाई से लागू करने का ...और पढ़ें

CBSE Third Language Policy 1 जुलाई से स्कूलों में होगी लागू।

CBSE Third Language Policy 1 जुलाई से स्कूलों में होगी लागू।

HighLights

  1. 1 जुलाई से देश के सभी स्कूलों में लागू होगा 3rd लैंग्वेज पॉलिसी का नियम।

  2. दो भारतीय भाषाओं के साथ एक विदेशी भाषा का कर सकेंगे चुनाव।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE 2023) के तहत सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने CBSE Third Language Policy 2026 की शुरुआत की है। इस पॉलिसी के तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक फॉरेन लैंग्वेज को चुनना होगा। अब इस नियम के लिए सीबीएसई सख्त कदम उठा रहा है। बोर्ड की ओर से स्कूलों में जुलाई माह से हर हल में 3rd लैंग्वेज पॉलिसी को लागू करना अनिवार्य है।

भाषा चुनाव का क्या है नियम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा 2023 के तहत 1 जुलाई, 2026 से कक्षा 9 के सभी छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। इसमें से "कम से कम दो भारतीय मूल की भाषाएं होनी चाहिए"। सीबीएसई द्वारा 15 मई को जारी सूचना में बताया गया था कि विदेशी भाषा का चयन करने वाले छात्र इसे "तीसरी भाषा के रूप में तभी चुन सकते हैं जब अन्य दो भाषाएं भारतीय मूल की लैंग्वेज होंगी। इसके अलावा वे इसे अतिरिक्त 4th भाषा के रूप में चुनाव कर सकेंगे।

नहीं होगी बोर्ड परीक्षा, स्कूल करेंगे आंतरिक मूल्यांकन

3rd लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने के साथ ही सीबीएसई बोर्ड ने इसमें कुछ छूट भी दी है। छूट के तहत तीसरी भाषा के लिए बोर्ड परीक्षा का आयोजन नहीं किया जायेगा। सभी स्कूल आंतरिक/ स्कूल स्तर पर इसके लिए मूल्यांकन करेंगे। हालांकि, प्रमाण पत्र में इस भाषा के लिए प्राप्त अंकों को दर्शाया जायेगा।

छठवीं की आर3 किताबों का होगा उपयोग

बोर्ड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक एनसीईआरटी द्वारा जारी नए पाठ्यक्रम के अनुरूप यह बदलाव किया जा रहा है। सीबीएसई ने कहा कि नौवीं के विद्यार्थियों के लिए फिलहाल आर3 पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए 2026-27 संस्करण की छठवीं की आर3 किताबों का उपयोग किया जाएगा।

सीबीएसई और एनसीईआरटी फिलहाल असमिया, बंगाली, बोडो, डोगरी, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयालम, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, ओड़िया, पंजाबी, संथाली, सिंधी, तमिल और तेलुगु समेत 19 भारतीय भाषाओं में छठवीं की आर 3 किताबें तैयार कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें- CBSE: कर्नाटक बोर्ड के छात्रों में हिंदी भाषा का क्रेज, 93 फीसदी स्टूडेंट्स ने 3rd लैंग्वेज के लिए किया चुनाव