विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

CBSE: कर्नाटक बोर्ड के छात्रों में हिंदी भाषा का क्रेज, 93 फीसदी स्टूडेंट्स ने 3rd लैंग्वेज के लिए किया चुनाव

Published: Wed, 08 Apr 2026 02:07 PM (IST)

कर्नाटक बोर्ड के छात्रों में थर्ड लैंग्वेज के तौर पर हिंदी भाषा का क्रेज देखने को मिल रहा है। 93 ...और पढ़ें

cbse third language policy

cbse third language policy

HighLights

  1. कर्नाटक बोर्ड के 93% स्टूडेंट्स ने हिंदी भाषा को चुना।

  2. सीबीएसई ने देशभर में लागू की है थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी।

एजुकेशन डेस्क, नई दिल्ली। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP 2020) और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क फॉर स्कूल एजुकेशन (NCFSE 2023) के तहत सेन्ट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने CBSE Third Language Policy 2026 की शुरुआत की है। इस पॉलिसी के तहत छात्रों को दो भारतीय भाषाओं के साथ एक फॉरेन लैंग्वेज को चुनना होगा। इसी के तहत कर्नाटक बोर्ड के छात्रों में हिंदी का क्रेज देखने को मिला है।

93% स्टूडेंट्स ने हिंदी भाषा का किया चुनाव

एक रिपोर्ट के अनुसार, इस शैक्षणिक वर्ष में कर्नाटक राज्य बोर्ड के 93% छात्रों ने अपनी तीसरी भाषा के रूप में हिंदी को चुना है। कई राज्यों में इसका विरोध किया गया था कि लोगों के ऊपर हिंदी भाषा थोपी जा रही है लेकिन इसके उलट छात्रों ने इसे सीखने की ललक दिखाई दे रही है।

क्या है आधिकारिक आंकड़े

रिपोर्ट के मुताबिक तीसरी भाषा चुनने वाले 8.1 लाख छात्रों में से, सामान्य पाठ्यक्रम के अंतर्गत 7.5 लाख से अधिक छात्रों ने हिंदी को थर्ड लैंग्वेज के रूप में चुना है। आदर्श विद्यालयों के अंतर्गत 4778 छात्रों ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का अनुसरण किया, जिसको मिलाकर कुल संख्या लगभग 7.6 लाख हो गई।
हिंदी भाषा की तुलना में 11483 छात्रों ने कन्नड़ और 32135 छात्रों ने अंग्रेजी भाषा का चुनाव किया। अन्य भाषाओं में 5544 छात्रों ने उर्दू, 5159 ने संस्कृत और 361 ने अरबी, 845 ने तुलु, 34 ने कोंकणी और तीन स्टूडेंट्स ने मराठी को चुनाव किया है।
ये आंकड़े राज्य सरकार के एसएसएलसी में तीसरी भाषा के मूल्यांकन को अंकों के बजाय ग्रेडिंग प्रणाली में बदलने के निर्णय के संदर्भ में सामने आए हैं।
कर्नाटक राज्य हाई स्कूल सहायक शिक्षक संघ के मानद अध्यक्ष मंजुनाथ एच. के. ने बयान देते हुए कहा कि, "थर्ड लैंग्वेज पॉलिसी लागू होने के बाद, यह स्वाभाविक था कि अधिकांश हिंदी भाषा का चुनाव ही करेंगे क्योंकि इसे हमारे देश में प्रमुख भाषाओं में से एक माना जाता है।"

यह भी पढ़ें- CBSE 10th Result 2026: सीबीएसई सेकेंडरी रिजल्ट से जुड़े अहम सवालों के जवाब, परिणाम जल्द ही होने वाला है जारी